आलीराजपुर जिले में बारिश की कमी से किसान परेशान हैं। 19 अक्टूबर 2026 को मक्का, मूंगफली, उड़द, सोयाबीन, कपास जैसी खरीफ फसलें सूखने लगीं। किसान लागत निकालने की चिंता में हैं। 15 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सामान्य 34.32 इंच के मुकाबले 16.77 इंच बारिश हुई, यानी 51% कम। तेज धूप और कम बारिश से फसलों की हालत खराब होने की संभावना है। किसानों ने महंगे खाद-बीज पर खर्च किया था, उत्पादन घटने से कर्ज चुकाने की चिंता है। वे जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे हैं। किसान पहले कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री को ज्ञापन दे चुके हैं। कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान, कलेक्टर नीतू माथुर और विधायक सेना महेश पटेल ने उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा मांगा है। बारिश की कमी से रबी सीजन की गेहूं-चना सिंचाई भी प्रभावित हो सकती है। अब सवाल सिर्फ फसल बचाने का नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और उनकी आर्थिक स्थिति को संभालने का भी है। क्या प्रशासन जल्द सर्वे कराएगा? क्या राज्य सरकार आलीराजपुर जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत देगी? सोमवार को भी किसानों की निगाहें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

