मुजफ्फरपुर- पुलिस बनकर डिजिटल अरेस्ट करने का आरोपी अरेस्ट:अब तक दो आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी, बदमाशों का 9 राज्यों से जुड़ा है कनेक्शन

मुजफ्फरपुर- पुलिस बनकर डिजिटल अरेस्ट करने का आरोपी अरेस्ट:अब तक दो आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी, बदमाशों का 9 राज्यों से जुड़ा है कनेक्शन

मुजफ्फरपुर साइबर थाना पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया गया, कुल 2 अपराधी पकड़े जा चुके हैं। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि अपराधी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को धमकाते थे। वे परिवार के सदस्य की फर्जी गिरफ्तारी की बात कहकर ठगी करते थे। मुजफ्फरपुर की रागिनी देवी को भी ऐसे कॉल आए। 8 सितंबर 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी अपराधियों ने रागिनी देवी को कानूनी कार्रवाई और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर उनके बैंक खाते से 3,47,999 रुपये ठग लिए। उन्होंने 8 सितंबर 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। एसएसपी मुजफ्फरपुर के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने तकनीकी जानकारी, कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया। उत्तर प्रदेश और बांका से हुई गिरफ्तारियां गहन विश्लेषण के बाद विशेष टीम ने सबसे पहले इस साइबर अपराध में प्रयुक्त बैंक खाते के धारक टीपू कुशवाहा को चिन्हित किया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले (थाना-बरियारपुर) के रहने वाले टीपू कुशवाहा को पुलिस ने 12.10.2026 को देवरिया से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल के साथ दबोच लिया, जिसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसी कड़ी में छापेमारी को आगे बढ़ाते हुए विशेष टीम ने 17.10.2026 को इस कांड में संलिप्त एक अन्य खाताधारक केवल प्रिंस कुमार (थाना+जिला-बांका) को भी सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। 9 राज्यों में दर्ज हैं 14 शिकायतें, बड़ी रकम कराई गई होल्ड डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त का नेटवर्क बेहद बड़ा है और उसके बैंक खाते की जांच करने पर 09 राज्यों से कुल 14 साइबर शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी यह रही कि पीड़िता रागिनी देवी के खाते से ठगी गई कुल राशि में से 2,64,748 रुपये को त्वरित कार्रवाई करते हुए होल्ड (फ्रीज) करा दिया गया है। इस राशि को वादिनी को वापस कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस की लगातार छापेमारी जारी है। मुजफ्फरपुर साइबर थाना पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया गया, कुल 2 अपराधी पकड़े जा चुके हैं। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि अपराधी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को धमकाते थे। वे परिवार के सदस्य की फर्जी गिरफ्तारी की बात कहकर ठगी करते थे। मुजफ्फरपुर की रागिनी देवी को भी ऐसे कॉल आए। 8 सितंबर 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी अपराधियों ने रागिनी देवी को कानूनी कार्रवाई और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर उनके बैंक खाते से 3,47,999 रुपये ठग लिए। उन्होंने 8 सितंबर 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। एसएसपी मुजफ्फरपुर के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने तकनीकी जानकारी, कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया। उत्तर प्रदेश और बांका से हुई गिरफ्तारियां गहन विश्लेषण के बाद विशेष टीम ने सबसे पहले इस साइबर अपराध में प्रयुक्त बैंक खाते के धारक टीपू कुशवाहा को चिन्हित किया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले (थाना-बरियारपुर) के रहने वाले टीपू कुशवाहा को पुलिस ने 12.10.2026 को देवरिया से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल के साथ दबोच लिया, जिसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसी कड़ी में छापेमारी को आगे बढ़ाते हुए विशेष टीम ने 17.10.2026 को इस कांड में संलिप्त एक अन्य खाताधारक केवल प्रिंस कुमार (थाना+जिला-बांका) को भी सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। 9 राज्यों में दर्ज हैं 14 शिकायतें, बड़ी रकम कराई गई होल्ड डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त का नेटवर्क बेहद बड़ा है और उसके बैंक खाते की जांच करने पर 09 राज्यों से कुल 14 साइबर शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी यह रही कि पीड़िता रागिनी देवी के खाते से ठगी गई कुल राशि में से 2,64,748 रुपये को त्वरित कार्रवाई करते हुए होल्ड (फ्रीज) करा दिया गया है। इस राशि को वादिनी को वापस कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस की लगातार छापेमारी जारी है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *