संभल में इकबाल महमूद ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से अल्पसंख्यकों, खासकर उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मुस्लिम समाज की प्राथमिकता भाजपा को दोबारा सत्ता में आने से रोकना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर भाजपा को चुनौती दी थी। इसलिए दोनों दलों को गठबंधन मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद ने रविवार शाम करीब 4 बजे संभल के मियां सराय स्थित आवास पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयानों पर कहा- दोनों दलों के बीच गठबंधन होना तय है, लेकिन सीटों के बंटवारे से ज्यादा जरूरी भाजपा को सत्ता से दूर रखना है। टिकट राजनीतिक हैसियत और परिस्थितियों के आधार पर तय होने चाहिए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयानों का जिक्र करते हुए सपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस देश की बड़ी पार्टी है, इसमें कोई दो राय नहीं है। हालांकि, गठबंधन में सबसे अहम सवाल यह है कि भाजपा को कैसे हराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सभी मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के साथ चले जाएं और सपा कमजोर हो जाए, तो अखिलेश यादव के साथ जुड़े अन्य सामाजिक वर्गों के राजनीतिक समीकरण पर भी असर पड़ सकता है। सीटों के बंटवारे पर उन्होंने कहा कि टिकट राजनीतिक हैसियत और परिस्थितियों के आधार पर तय होने चाहिए। कांग्रेस की ओर से बराबर हिस्सेदारी की बात पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें थीं, तब 40-40 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग क्यों नहीं की गई।
उन्होंने दोहराया कि दोनों दलों का मुख्य लक्ष्य भाजपा को हराना और गठबंधन की संभावनाओं को मजबूत करना होना चाहिए। ओवैसी की सभाओं में भी पहुंचते हैं मुस्लिम एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का जिक्र करते हुए इकबाल महमूद ने कहा कि ओवैसी काफी मेहनत कर रहे हैं और उनकी सभाओं में मुस्लिम समुदाय के लोग भी पहुंचते हैं। हालांकि, सभाओं में पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि सभी लोग उन्हें वोट देने का फैसला कर लेते हैं। उनके मुताबिक, मुस्लिम मतदाता वोटों के बंटवारे और उसके राजनीतिक परिणामों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को विचार करना चाहिए कि किसी दल को वोट देने से भाजपा को राजनीतिक लाभ तो नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज राजनीतिक रूप से जागरूक है और अपने वोट की अहमियत समझता है।
केंद्र में कांग्रेस और यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बने सपा विधायक ने पार्टी के राजनीतिक आधार का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में मुस्लिम और यादव समुदाय के बीच राजनीतिक एकजुटता बढ़ी, जिससे एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण मजबूत हुआ। उन्होंने कहा कि यह समीकरण आज भी समाजवादी पार्टी की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के नारे का भी उल्लेख किया और कहा कि पार्टी इन वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। इकबाल महमूद ने कहा कि उनकी इच्छा है कि केंद्र में कांग्रेस और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बने। इसके लिए कांग्रेस को भी व्यापक राजनीतिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए गठबंधन की रणनीति तय करनी चाहिए।

