छिंदवाड़ा के खेड़ापति माता मंदिर समिति के तत्वावधान में तामिया में हर साल नवरात्रि के दौरान गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस आयोजन में सभी समाजों के लोग शामिल होकर उत्साह और भाईचारे के साथ गरबा करते हैं। हालांकि, इस बार सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को गरबा नहीं करने देने और गरबा स्थल से भगाने के आरोपों से जुड़ी पोस्ट सामने आने के बाद समिति ने सफाई दी है। समिति के सदस्यों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें गलत और निराधार हैं। किसी भी व्यक्ति को गरबा करने से रोकने या आयोजन स्थल से भगाने का कोई मामला नहीं है। समिति के अनुसार, शासन और छिंदवाड़ा कलेक्टर के निर्देशों के तहत रात 10:30 बजे साउंड बंद करना अनिवार्य है। इसी समय सीमा के कारण कुछ लोग गरबा नहीं कर सके। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर कुछ युवतियों ने समिति पर गरबा करने से रोकने का आरोप लगाया था सोशल मीडिया में तेजी से वीडियो वायरल होने के कारण समिति की छवि धूमिल हो रही थी जिसके कारण समिति के सदस्यों ने अपना पक्ष रखा समय की पाबंदी के कारण नहीं हो सका गरबा समिति के सदस्यों ने बताया कि निर्धारित समय पर साउंड बंद करना जरूरी था। इसके चलते कुछ लोगों का गरबा कार्यक्रम अधूरा रह गया। समिति ने कहा कि इन लोगों के लिए अगले दिन गरबा आयोजित करने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति से अलग हैं। भाईचारे के साथ मनाते हैं नवरात्रि खेड़ापति माता मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा कि समिति सभी समाजों के लोगों को साथ लेकर चलती है। यहां नवरात्रि का पर्व हर साल बड़े उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाता है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से लोगों को जोड़ना है, न कि किसी के साथ भेदभाव करना। सदस्यों ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने के बजाय वास्तविक स्थिति को समझें।

