हाल के दिनों में बदलती तकनीक और एआई को लेकर कई तरह के सवाल उठे। कहा जा रहा है कि भविष्य में कई काम मशीनें संभाल लेंगी। इससे युवाओं के रोजगार के अवसर छिन जाएंगे। अदृश्य डर के इस माहौल में अमेरिका की ऑटोनॉमस डिलीवरी रोबोट बनाने वाली कंपनी ‘सर्व रोबोटिक्स’ के सीईओ अली काशानी की यूनिवर्सिटी में पढ़ रही दो बेटियों ने चिंता जताई, तो जवाब में काशानी ने बेटियों के नाम चिट्ठी लिखी। इसमें कहा कि तेजी से बदल रही तकनीक से डरकर पीछे हटना समाधान नहीं है। काशानी ने युवाओं को सुझाव देते लिखा है, ‘युवाओं को एआई से सीखना चाहिए। सवाल पूछने चाहिए और समस्याएं सुलझाने में उसका उपयोग करना चाहिए। आगाह भी किया है। पढ़ते हैं कि टेक सीईओ ने मूल संदेश क्या दिए हैं… ‘मेरी बेटियों… अब तक तुमने अपने प्रोफेसरों से एआई पर कॉलेज की पॉलिसी सुन ली होगी। कहा जा रहा है कि तेजी से बदल रही एआई से मानवता को खतरा है। ऐसे में डर या भ्रमित होना संभव है। लेकिन डर या अति-उत्साह को अपने फैसलों पर हावी मत होने देना। एआई या नई तकनीक से भागना नहीं, उसे समझो। किसी भी तकनीक का भविष्य खुद-ब-खुद नहीं बनेगा। इसे वे लोग बनाएंगे, जो इसमें कुशल होंगे। यह तुम्हारा समय है… इस बदलाव का हिस्सा बनो और आने वाले कल को बीते हुए कल से बेहतर बनाओ। कल उन्हीं का होगा, जो बदलते काम के लिए खुद को तैयार करेंगे।’ तकनीक काम बदलेगी, सीखने वालों को अवसर मिलेंगे काशानी ने बताया है कि तकनीक आने पर रोजगार या काम का स्वरूप बदलना कोई नई बात नहीं है। 200 साल पहले 98% लोग खेती करते थे। आज तकनीक ने करोड़ों नई और बेहतर नौकरियां दी हैं। अमेरिका में आज कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की हिस्सेदारी सिर्फ 2% है। अमेरिका में 1920 में कुल 4.4 करोड़ नौकरियां थीं, जो अब बढ़कर करीब 16 करोड़ हो चुकी है। 1920 में कामकाजी आबादी का 5% हिस्सा पेशेवर और प्रबंधन की नौकरियों में था, जो अब 35% हो गया है। दुनिया भर में करीब 5 करोड़ लोग सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में कमाई कर रहे हैं। इनमें 65 लाख लोग सालाना 1 लाख डॉलर या उससे अधिक की कमाई कर रहे हैं। तकनीक में इंसान की भूमिका भी जरूरी – काशानी अपनी कंपनी का उदाहरण देते हैं, जहां डिलीवरी रोबोट के संचालन, निगरानी और रखरखाव के लिए इंसानों की जरूरत होती है। – चार्ली स्नोडग्रास पहले डिलीवरी ड्राइवर थे। यह काम खत्म होेने पर चार्ली ने ट्रेनिंग ली और आज रोबोट तकनीशियन का काम करते हैं। – ऑटोमेशन कुछ कामों को खत्म करने के साथ नई तकनीकी अवसर खुलेंगे। इसके लिए नई स्किल सीखना जरूरी है। – नई तकनीक एआई का भविष्य वे लोग बनाएंगे जो इसमें भागीदारी करने का फैसला करेंगे। – केवल डिग्री या पुराने कौशल पर निर्भर रहना ठीक नहीं होगा। एआई टूल का इस्तेमाल करना, उसके जवाबों की जांच करना और नतीजों को समझदारी से लागू करना अहम होगा।
टेक सीईओ ने बेटियों को लिखी चिट्ठी:डरकर पीछे न रहें, इतिहास गवाह- नई तकनीक ने नौकरियां छीनीं नहीं, बल्कि नए रास्ते खोले

