सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने विशेष छापेमारी कर अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मैरवा रेलवे स्टेशन से सटे काली मंदिर के पास हुई कार्रवाई में करीब छह लाख रुपये नकद, पीली धातु जैसे दिखने वाले गहने, चांदी जैसी धातु के आभूषण और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, गहनों की वास्तविक धातु और कीमत की पुष्टि जांच के बाद होगी। शनिवार को सदर-2 मैरवा के एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। गिरोह में कुल चार लोगों के शामिल होने की जानकारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लालजी कुमार, पिता ललन डोम, निवासी नया जान टोला गुदरी, थाना भगवान बाजार, जिला छपरा; गुड्डू कुमार, पिता विनोद डोम, निवासी बिल्थरा रोड, थाना उभांव, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश; और राज कुमार डोम, पिता बन्हू डोम, निवासी बहरौली, थाना मशरख, जिला छपरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद बैग में करीब छह लाख रुपये नकद रखे थे। इसके अलावा पीली धातु जैसे दिखने वाले गहनों का कुल वजन लगभग 220 ग्राम और चांदी जैसी धातु के गहनों का वजन करीब 214 ग्राम बताया गया है। मौके से पांच मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह बिहार के सीवान, छपरा और गोपालगंज सहित उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में सक्रिय था। लालच देकर पीड़ित को किनारे ले जाते थे इसके सदस्य खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को झांसा देकर उनके गहने उतार लेते थे। गिरोह में कुल चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक,गिरोह के सदस्य ठगी के लिए हाथ की सफाई का इस्तेमाल करते थे।वे कपड़े पर साबुन लगाकर उसमें कुछ रुपये के नोट चिपका देते थे और फिर उसे सड़क पर या लोगों के आसपास फेंक देते थे। इसके बाद नोट उठाने अथवा रुपये के बंटवारे का लालच देकर पीड़ित को किनारे ले जाते थे। बातचीत में उलझाकर मौका मिलते ही उनके गहने उतार लेते थे। पीड़ितों को इसकी जानकारी बाद में होती थी। सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने विशेष छापेमारी कर अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मैरवा रेलवे स्टेशन से सटे काली मंदिर के पास हुई कार्रवाई में करीब छह लाख रुपये नकद, पीली धातु जैसे दिखने वाले गहने, चांदी जैसी धातु के आभूषण और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, गहनों की वास्तविक धातु और कीमत की पुष्टि जांच के बाद होगी। शनिवार को सदर-2 मैरवा के एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। गिरोह में कुल चार लोगों के शामिल होने की जानकारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लालजी कुमार, पिता ललन डोम, निवासी नया जान टोला गुदरी, थाना भगवान बाजार, जिला छपरा; गुड्डू कुमार, पिता विनोद डोम, निवासी बिल्थरा रोड, थाना उभांव, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश; और राज कुमार डोम, पिता बन्हू डोम, निवासी बहरौली, थाना मशरख, जिला छपरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद बैग में करीब छह लाख रुपये नकद रखे थे। इसके अलावा पीली धातु जैसे दिखने वाले गहनों का कुल वजन लगभग 220 ग्राम और चांदी जैसी धातु के गहनों का वजन करीब 214 ग्राम बताया गया है। मौके से पांच मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह बिहार के सीवान, छपरा और गोपालगंज सहित उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में सक्रिय था। लालच देकर पीड़ित को किनारे ले जाते थे इसके सदस्य खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को झांसा देकर उनके गहने उतार लेते थे। गिरोह में कुल चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक,गिरोह के सदस्य ठगी के लिए हाथ की सफाई का इस्तेमाल करते थे।वे कपड़े पर साबुन लगाकर उसमें कुछ रुपये के नोट चिपका देते थे और फिर उसे सड़क पर या लोगों के आसपास फेंक देते थे। इसके बाद नोट उठाने अथवा रुपये के बंटवारे का लालच देकर पीड़ित को किनारे ले जाते थे। बातचीत में उलझाकर मौका मिलते ही उनके गहने उतार लेते थे। पीड़ितों को इसकी जानकारी बाद में होती थी।

