मधेपुरा में भिरखी पुल के पास काली मंदिर के पीछे शहर का कचरा डंप किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को कचरा गिराने पहुंचे ट्रैक्टर समेत सात से अधिक टीपर वाहनों को रोक दिया। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद की गाड़ियां पिछले कई दिनों से यहां लगातार कचरा गिरा रही हैं। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। कचरा डंपिंग स्थल के आसपास घनी आबादी है। कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। एनएच होकर गुजरने वाले राहगीरों को भी बदबू झेलनी पड़ रही है। कचरा निस्तारण को लेकर पहले भी विवाद स्थानीय रूपेश कुमार ने कहा कि इसी इलाके में नगर परिषद का प्रमुख छठ घाट बनाया जाता है। छठ महापर्व में अब 28 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में घाट और आसपास की सफाई होनी चाहिए, लेकिन यहां कचरे का अंबार लगाया जा रहा है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचेंगे। ऐसे में गंदगी और दुर्गंध के बीच छठ पूजा की तैयारी कैसे होगी। मुहल्लेवासियों ने अब तक जमा कचरा तत्काल हटाने और आगे यहां कचरा गिराने पर रोक लगाने की मांग की। मौके पर मंजेश कुमार, नीतीश कुमार, सुधा देवी, निर्मला देवी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे। शहर में कचरा निस्तारण को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। निजी जमीन निकलने से विवाद इससे पूर्व मानिकपुर चौक के पास नदी किनारे कचरा डंप करने पर विरोध हुआ था। अब भिरखी पुल के पास मुहल्लेवासियों के विरोध ने नगर परिषद के सामने कचरे के स्थायी निस्तारण की व्यवस्था करने की चुनौती फिर उजागर कर दी है। नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अनमोल कुमार साहा ने बताया कि पिछले पांच साल में कचरा निस्तारण के लिए कई जगह चिह्नित की गई। शुरुआत में जमीन सरकारी बताई जाती है, लेकिन बाद में निजी जमीन निकलने से विवाद हो जाता है। इसी कारण कचरा डंप करने के लिए उपयुक्त जगह तय करने में परेशानी होती है। मधेपुरा में भिरखी पुल के पास काली मंदिर के पीछे शहर का कचरा डंप किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को कचरा गिराने पहुंचे ट्रैक्टर समेत सात से अधिक टीपर वाहनों को रोक दिया। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद की गाड़ियां पिछले कई दिनों से यहां लगातार कचरा गिरा रही हैं। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। कचरा डंपिंग स्थल के आसपास घनी आबादी है। कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। एनएच होकर गुजरने वाले राहगीरों को भी बदबू झेलनी पड़ रही है। कचरा निस्तारण को लेकर पहले भी विवाद स्थानीय रूपेश कुमार ने कहा कि इसी इलाके में नगर परिषद का प्रमुख छठ घाट बनाया जाता है। छठ महापर्व में अब 28 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में घाट और आसपास की सफाई होनी चाहिए, लेकिन यहां कचरे का अंबार लगाया जा रहा है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचेंगे। ऐसे में गंदगी और दुर्गंध के बीच छठ पूजा की तैयारी कैसे होगी। मुहल्लेवासियों ने अब तक जमा कचरा तत्काल हटाने और आगे यहां कचरा गिराने पर रोक लगाने की मांग की। मौके पर मंजेश कुमार, नीतीश कुमार, सुधा देवी, निर्मला देवी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे। शहर में कचरा निस्तारण को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। निजी जमीन निकलने से विवाद इससे पूर्व मानिकपुर चौक के पास नदी किनारे कचरा डंप करने पर विरोध हुआ था। अब भिरखी पुल के पास मुहल्लेवासियों के विरोध ने नगर परिषद के सामने कचरे के स्थायी निस्तारण की व्यवस्था करने की चुनौती फिर उजागर कर दी है। नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अनमोल कुमार साहा ने बताया कि पिछले पांच साल में कचरा निस्तारण के लिए कई जगह चिह्नित की गई। शुरुआत में जमीन सरकारी बताई जाती है, लेकिन बाद में निजी जमीन निकलने से विवाद हो जाता है। इसी कारण कचरा डंप करने के लिए उपयुक्त जगह तय करने में परेशानी होती है।

