दीपावली पर मिलावट और खराब खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए हनुमानगढ़ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार, 16 अक्टूबर को पल्लू में बीकानेर से हनुमानगढ़ आ रही ममता ट्रैवल्स की बस से 220 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त मावा और 360 किलोग्राम से अधिक खराब नमकीन बरामद की गई। खाद्य सुरक्षा दल ने बस संख्या आरजे 07 पीआर 8560 को रुकवाकर जांच की तो मावे से दुर्गंध आ रही थी, जबकि नमकीन में खराब तेल जैसी बदबू महसूस हुई। खाद्य सामग्री के मालिक की पहचान नहीं होने और गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर नमूने लेने के बाद पूरी सामग्री मौके पर ही नष्ट करवा दी गई। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव और सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में चल रहे अभियान के दौरान रावतसर और पल्लू के प्रतिष्ठानों से दूध, पनीर, मावा और मिठाइयों के नमूने भी लिए गए। बस में कहां से आया मावा-नमकीन, ड्राइवर-कडंक्टर को भी नहीं थी जानकारी सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि दीपावली पर मिठाइयों और नमकीन की मांग बढ़ने के कारण इनके निर्माण और बिक्री में तेजी आती है। ऐसे में अधिक मुनाफा कमाने के लिए कुछ विक्रेताओं द्वारा खराब गुणवत्ता वाला मावा या दूषित अथवा बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल में तैयार नमकीन बेचने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा दल ने शुक्रवार को पल्लू में कई बसों की जांच की। शाम करीब 6:30 बजे बीकानेर से आ रही ममता ट्रैवल्स की बस को रुकवाकर जांच की गई। बस से 220 किलोग्राम मावा और 360 किलोग्राम से अधिक नमकीन मिली। जांच के दौरान मावे से दुर्गंध आ रही थी और नमकीन में खराब तेल जैसी बदबू महसूस हुई। चालक और परिचालक ने बताया कि मावा बीकानेर से लोड किया गया था, लेकिन उन्हें खाद्य सामग्री के मालिक की जानकारी नहीं थी। खाद्य सामग्री के मालिक की पहचान नहीं होने और उसकी गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा दल ने नियमानुसार सैंपलिंग की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीपी शर्मा, दीपक कुमार और अनुपम चोयल ने बस की जांच की। यह कार्रवाई शाम करीब 6:30 बजे शुरू होकर रात 11:30 बजे तक चली। प्रशासन के सहयोग से मौके पर ही नष्ट करवाई सामग्री संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट करवाने की कार्रवाई में जिला प्रशासन का भी सहयोग रहा। तहसीलदार कुलदीप मीणा ने प्रक्रिया में सहयोग किया। इसके बाद जेवीजी मशीन मंगवाई गई और बड़ा गड्ढा खुदवाकर पूरी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया, ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल या बाजार में विक्रय नहीं हो सके। पनीर, दूध, मावा और मिठाइयों के नमूने लिए डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत अन्य प्रतिष्ठानों पर भी जांच और सैंपलिंग की गई। रावतसर स्थित मैसर्स जेपी पनीर प्रतिष्ठान से पनीर और दूध के कुल चार नमूने लिए गए। वहीं, पल्लू स्थित मैसर्स भाई-भाई स्वीट्स से मावा और रसगुल्ले के नमूने लिए गए। पल्लू के ही मैसर्स सांवरिया मिष्ठान प्रतिष्ठान से गुलाब जामुन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की गई। दीपावली पर शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने पर जोर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, सैंपलिंग और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना और मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है। विभाग ने त्योहार के दौरान खाद्य सामग्री के निर्माण और विक्रय से जुड़े प्रतिष्ठानों की निगरानी तेज कर दी है।

