मोतिहारी के केसरिया की युवती को प्यार में फंसाकर कोलकाता के रेड लाइट एरिया में 2.30 लाख रुपए में बेचा गया। युवती ने मां को फोन कर खुद को बचाने की गुहार लगाई। उसने रोते हुए कॉल पर कहां ‘हैलो मां, मुझे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है, जल्दी निकाल लो, नहीं तो हम मर जाएंगे।’ इस सूचना पर केसरिया पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने 48 घंटे में युवती को बंगाल से सुरक्षित बरामद कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि 8 अक्टूबर को युवती की मां थाने पहुंची थीं। उसने कहा सर, मेरी बेटी को बचा लीजिए। उन्होंने बताया कि बेटी को तीन महीने पहले मुजफ्फरपुर के शाहपुरपट्टी निवासी रोहित कुमार से प्यार हो गया था। दोनों शादी करने के लिए घर से भाग गए थे। दोनों बालिग थे, इसलिए परिवार ने तब थाने में शिकायत नहीं की थी। लेकिन आज अचानक मेरी बेटी का फोन आया। उसने बताया कि उसे कोलकाता के रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है। मां ने पुलिस को बेटी का फोन नंबर दिया, ट्रेस करने पर लोकेशन कोलकाता की निकली। 8 अक्टूबर को मां ने केसरिया थाने में रोहित कुमार के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू के नेतृत्व में एक टीम बनाई। टीम युवती की मां के साथ कोलकाता गई। ग्राहक बनकर छापेमारी में युवती को बचाया गया। थानाध्यक्ष खुद कस्टमर बनकर बच्ची को बचाए कोलकाता पहुंचने के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी, उस भीड़भाड़ वाले रेड लाइट इलाके में युवती की सही पहचान करना। इसके लिए अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए खुद कस्टमर बनने का फैसला किया। वह उस जगह पर पहुंचे जहां युवती को रखा गया था। अंदर युवती को देखकर उन्होंने इशारे से उसकी पहचान कंफर्म की। पहचान पक्की होते ही उन्होंने स्थानीय पोशीपाड़ा थाने की पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त रूप से छापेमारी कर युवती को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने 10 अक्टूबर को युवती को बरामद किया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार युवती के बरामद होने के बाद केसरिया पुलिस ने मुख्य आरोपी साहेबगंज के शाहपुरपट्टी निवासी रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने जो कहानी बताई, वह किसी फिल्म से कम नहीं है। रोहित ने बताया कि उसकी बहन का ससुराल युवती के गांव के पास ही है। इसी कारण उसका वहां आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात युवती से हुई। धीरे-धीरे दोनों में प्यार बढ़ा और दोनों शादी को तैयार हो गए। शादी के नाम पर उसने भागने की योजना बनाई। योजना के तहत उसने युवती को रेलवे स्टेशन पर बुलाया। वहां पहले से ही उसके दो साथी मौजूद थे। उसने युवती को भरोसे में लेकर कहा कि तुम इनके साथ कोलकाता चलो, मैं भी पीछे से आ रहा हूं। भरोसे में आकर युवती उसके साथियों के साथ कोलकाता चली गई, जहां उसे दो लाख तीस हजार रुपए में बेच दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार पूछताछ में रोहित ने युवती को 2.30 लाख में बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इस खुलासे के हर बिंदु का सत्यापन कर रही है।
नेटवर्क में 2 युवक और एक महिला शामिल
पूछताछ में रोहित ने अपने नेटवर्क के तीन और लोगों के नाम बताए हैं, मुजफ्फरपुर के पंकज, प्रिंस और पूर्णिया की सोनी। पुलिस को शक है कि सोनी ही रेड लाइट एरिया में सौदा कराने वाली मुख्य कड़ी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने और कितनी युवतियों को शादी का झांसा देकर इसी तरह बेचा है। अपहरण की एक प्राथमिकी से शुरू हुई जांच अब मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंच गई है। आरोपी का खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष राहुल कुमार, अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू, अनुसंधानकर्ता एसआई मनोज ठाकुर सहित पुलिस बल की अहम भूमिका रही। फिलहाल बरामद युवती को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया गया है और उसका मेडिकल व काउंसलिंग कराया जा रहा है। वहीं पुलिस इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है। मोतिहारी के केसरिया की युवती को प्यार में फंसाकर कोलकाता के रेड लाइट एरिया में 2.30 लाख रुपए में बेचा गया। युवती ने मां को फोन कर खुद को बचाने की गुहार लगाई। उसने रोते हुए कॉल पर कहां ‘हैलो मां, मुझे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है, जल्दी निकाल लो, नहीं तो हम मर जाएंगे।’ इस सूचना पर केसरिया पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने 48 घंटे में युवती को बंगाल से सुरक्षित बरामद कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि 8 अक्टूबर को युवती की मां थाने पहुंची थीं। उसने कहा सर, मेरी बेटी को बचा लीजिए। उन्होंने बताया कि बेटी को तीन महीने पहले मुजफ्फरपुर के शाहपुरपट्टी निवासी रोहित कुमार से प्यार हो गया था। दोनों शादी करने के लिए घर से भाग गए थे। दोनों बालिग थे, इसलिए परिवार ने तब थाने में शिकायत नहीं की थी। लेकिन आज अचानक मेरी बेटी का फोन आया। उसने बताया कि उसे कोलकाता के रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है। मां ने पुलिस को बेटी का फोन नंबर दिया, ट्रेस करने पर लोकेशन कोलकाता की निकली। 8 अक्टूबर को मां ने केसरिया थाने में रोहित कुमार के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू के नेतृत्व में एक टीम बनाई। टीम युवती की मां के साथ कोलकाता गई। ग्राहक बनकर छापेमारी में युवती को बचाया गया। थानाध्यक्ष खुद कस्टमर बनकर बच्ची को बचाए कोलकाता पहुंचने के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी, उस भीड़भाड़ वाले रेड लाइट इलाके में युवती की सही पहचान करना। इसके लिए अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए खुद कस्टमर बनने का फैसला किया। वह उस जगह पर पहुंचे जहां युवती को रखा गया था। अंदर युवती को देखकर उन्होंने इशारे से उसकी पहचान कंफर्म की। पहचान पक्की होते ही उन्होंने स्थानीय पोशीपाड़ा थाने की पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त रूप से छापेमारी कर युवती को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने 10 अक्टूबर को युवती को बरामद किया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार युवती के बरामद होने के बाद केसरिया पुलिस ने मुख्य आरोपी साहेबगंज के शाहपुरपट्टी निवासी रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने जो कहानी बताई, वह किसी फिल्म से कम नहीं है। रोहित ने बताया कि उसकी बहन का ससुराल युवती के गांव के पास ही है। इसी कारण उसका वहां आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात युवती से हुई। धीरे-धीरे दोनों में प्यार बढ़ा और दोनों शादी को तैयार हो गए। शादी के नाम पर उसने भागने की योजना बनाई। योजना के तहत उसने युवती को रेलवे स्टेशन पर बुलाया। वहां पहले से ही उसके दो साथी मौजूद थे। उसने युवती को भरोसे में लेकर कहा कि तुम इनके साथ कोलकाता चलो, मैं भी पीछे से आ रहा हूं। भरोसे में आकर युवती उसके साथियों के साथ कोलकाता चली गई, जहां उसे दो लाख तीस हजार रुपए में बेच दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार पूछताछ में रोहित ने युवती को 2.30 लाख में बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इस खुलासे के हर बिंदु का सत्यापन कर रही है।
नेटवर्क में 2 युवक और एक महिला शामिल
पूछताछ में रोहित ने अपने नेटवर्क के तीन और लोगों के नाम बताए हैं, मुजफ्फरपुर के पंकज, प्रिंस और पूर्णिया की सोनी। पुलिस को शक है कि सोनी ही रेड लाइट एरिया में सौदा कराने वाली मुख्य कड़ी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने और कितनी युवतियों को शादी का झांसा देकर इसी तरह बेचा है। अपहरण की एक प्राथमिकी से शुरू हुई जांच अब मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंच गई है। आरोपी का खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष राहुल कुमार, अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू, अनुसंधानकर्ता एसआई मनोज ठाकुर सहित पुलिस बल की अहम भूमिका रही। फिलहाल बरामद युवती को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया गया है और उसका मेडिकल व काउंसलिंग कराया जा रहा है। वहीं पुलिस इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।

