सोनीपत में 4 लुटेरों को 10-10 साल की कठोर कैद:जुराब फैक्ट्री मालिक से वारदारत; 3 एक गांव के, कारोबारी को मिलेगा मुआवजा

सोनीपत में 4 लुटेरों को 10-10 साल की कठोर कैद:जुराब फैक्ट्री मालिक से वारदारत; 3 एक गांव के, कारोबारी को मिलेगा मुआवजा

सोनीपत जिले में पिपली खेड़ा-राम नगर रोड पर दिल्ली के कारोबारी पर जानलेवा हमला कर लूटने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना की कोर्ट ने सजा का ऐलान किया। इसमें 12 अक्टूबर को दोषी ठहराए गए चारों आरोपियों मनोज, संदीप उर्फ सीपा, दीपक और राहुल को घातक हथियारों के प्रयोग के दम पर लूटपाट करने पर 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। इनमें से तीन एक ही गांव गुमड़ के हैं। साथ ही इन पर ₹25,000-25,000 जुर्माने भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को 6 महीने की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि दोषियों से वसूले गए कुल ₹1,00,000 के जुर्माने में से ₹50,000 की राशि शिकायतकर्ता विनोद कुमार जिंदल को मुआवजे के रूप में प्रदान की जाएगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना की कोर्ट मे 16 अक्टूबर चारों की सजा को लेकर दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गईं। इसमे बचाव पक्ष ने इनके परिवारों की हालत बताते हुए कोर्ट से कम से कम सजा की अपील की। ये था पूरा मामला… शिकायतकर्ता विनोद कुमार जिंदल निवासी पीतमपुरा, दिल्ली के बयान पर थाना मुरथल में 25 जून 2018 को एफआईआर संख्या 225 दर्ज की गई थी। दोपहर करीब 1:00 बजे विनोद जिंदल अपनी कार से अपनी जुराब बनाने की फैक्टरी (राम नगर, पिपली खेड़ा) पहुंचे। फैक्टरी के गेट पर एक वैगन-आर कार में सवार हथियारबंद युवकों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लोहे की रॉड और दाव से कार के आगे और पीछे के शीशे फोड़ दिएद्ध विनोद के साथ मारपीट कर चोटें पहुंचाईं तथा कार में रखा बैग छीन लिया। बैग में ₹60,000 नकद (बाद में ₹10,000 लूटने की पूरक शिकायत), पिपली खेड़ा में 27 कनाल जमीन के मूल दस्तावेज और बढ़ई की जमीन की ₹15 लाख की मूल रसीद थी। पुलिस ने बाद मे इस मामले में चारों आरोपियों मनोज निवासी गांव गुमड़, संदीप उर्फ सीपा निवासी पांची, दीपक निवासी गांव गुमड़ और राहुल निवासी गांव गुमड़ को गिरफ्तार किया था। दोषियों के पक्ष में दी गई दलीलें… दोषी मनोज के वकील ने तर्क दिया कि मनोज शादीशुदा है और उसके दो छोटे बच्चे, पत्नी और बुजुर्ग मां हैं। पिता की मृत्यु हो चुकी है और परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उसी पर है। दोषी संदीप उर्फ सीपा के वकील ने दलील दी कि उसकी तीन महीने की नवजात बेटी, पत्नी और बीमार मां है। उसका भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ है और घर में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है। इसी प्रकार दोषी राहुल व दीपक के वकीलों ने बताया कि दोनों के घर में आश्रित वृद्ध माता-पिता हैं और वे परिवार के एकमात्र सहारा हैं, अतः कोर्ट उनके प्रति नरमी बरते। सरकारी वकील की कड़ी सजा की मांग लोक अभियोजक ने वारदात के दुस्साहस और तरीके को रेखांकित करते हुए चारों दोषियों के लिए अधिकतम सजा (आजीवन कारावास) की मांग की। उन्होंने कोर्ट में कहा कि ये आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। मनोज पर 2 अन्य एफआईआर, राहुल पर 5 अन्य एफआईआर और दीपक पर 3 अन्य एफआईआर दर्ज हैं। वे अभ्यस्त अपराधी हैं और उनमें कानून का कोई खौफ नहीं बचा है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए ये कहा… अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना ने दोनों पक्षों की दलीलों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करने के बाद अपने आदेश में दर्ज किया कि दोषियों ने दिन के उजाले में, बिना किसी खौफ के, फैक्टरी के गेट पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने गाड़ियों के शीशे तोड़े और घातक हथियारों से हमला कर लूटपाट की। हालांकि, कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि घटना के दौरान पीड़ित को कोई गंभीर/घातक शारीरिक चोट नहीं आई थी और न ही अभियोजन पक्ष यह सिद्ध कर पाया कि वे किसी पूर्व मामले में दोषी करार दिए गए हैं। कोर्ट ने चारों को 10-10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। चारों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना किया। जुर्माना की राशि में से मिलेगा मुआवजा कोर्ट ने राहत देते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 428 के तहत मुकदमे की जांच और सुनवाई के दौरान दोषियों द्वारा जेल में बिताई जा चुकी अवधि को मुख्य सजा में से घटा दिया जाएगा उनसे वसूले जाने वाले कुल ₹1,00,000 जुर्माने में से ₹50,000 पीड़ित विनोद जिंदल को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे। इसके बाद चारों को जेल भेज दिया गया।

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