पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी में युद्ध नशों विरुद्ध अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य से नशे का कलंक मिटाना सरकार का सबसे बड़ा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुलिस को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। इस अभियान को और गति देने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों को 117 नए वाहन जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। पंजाब को बदनाम करना बंद करे केंद्र सरकार केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम मान ने कहा कि जब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में नशा खुलेआम बिक रहा है, तब जानबूझकर पंजाब और पंजाबियों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह सियासत करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सीमा और गुजरात के रास्तों से आने वाले अवैध नशे की खेप को रोके। उन्होंने दोहरया कि पंजाब सरकार इस लड़ाई को जन आंदोलन बना रही है, जिसमें हर नागरिक का सहयोग जरूरी है। मानसा हत्याकांड पर सख्त चेतावनी मानसा में हाल ही में हुई एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या के मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस साजिश के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिलेगी जो समाज के लिए एक मिसाल बनेगी। युवाओं को खेल से जोड़ने पर जोर नशे के खिलाफ युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। सीएम मान ने कहा कि खेडां वतन पंजाब दियां जैसे आयोजनों से गांवों में खेल का माहौल बन रहा है। उन्होंने आगामी एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का जिक्र करते हुए प्रदेशवासियों से बढ़-चढ़कर इसमें शामिल होने और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने की अपील की। समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह, तरुनप्रीत सिंह सौंद और डीजीपी गौरव यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

