केंद्र इसी महीने संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण पर विशेष सत्र बुला सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इससे जुड़े बिल फिर से आगे बढ़ाना चाहती है। सूत्रों का कहना है कि सरकार को सदन में अपने संख्या बल पर भरोसा है। विशेष सत्र बुलाने से करीब एक हफ्ते पहले इसकी सूचना दी जा सकती है। संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हुआ था, लेकिन इसका अब तक सत्रावसान नहीं किया गया है। मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म, लेकिन अब तक सत्रावसान नहीं संसद के मानसून सत्र की अंतिम बैठक 13 अगस्त को हुई थी। इसके दो महीने बाद अब तक सेशन औपचारिक रूप से खत्म होने की घोषणा नहीं हुई है। दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के बिना सत्रावसान रहने की यह सबसे लंबी अवधि है। इससे पहले 1989 में दोनों सदन 63 दिन ऐसी स्थिति में रहे थे। पिछले सत्र से अभी तक लोकसभा में क्या बदला? DMK से समर्थन जुटाने की कोशिश अब केंद्र सरकार DMK से समर्थन लेने के लिए बातचीत कर रही है। तमिलनाडु चुनाव के बाद DMK का कांग्रेस से अलगाव हो चुका है। इसके बाद DMK INDIA ब्लॉक से भी अलग हो गई। सूत्रों ने बताया कि सरकार कुछ छोटे दलों के संपर्क में भी है। इन दलों से बातचीत का मकसद सदन में सरकार के संख्या बल को मजबूत करना है।
अप्रैल में भी विशेष सत्र बुलाया, बिल पास नहीं हो सका सरकार ने इसे पहले परिसीमन और महिला आरक्षण को पास कराने के लिए 15 से 17 अप्रैल तक तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया था। लेकिन इस दौरान बिल पास नहीं हो पाया था। उस वक्त उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। पूरी खबर पढ़ें… महिला आरक्षण पर संसद सत्र से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. PM ने दोस्त कहा तो अखिलेश ने हाथ जोड़ लिए; संसद के टॉप-8 मोमेंट्स 2. शाह ने समझाया- कैसे लोकसभा की सीटें 850 होंगी 3. मोदी बोले- विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार
सरकार इस महीने संसद का स्पेशल सेशन बुला सकती है:महिला आरक्षण, परिसीमन बिल पेश करने का अनुमान; अभी तक मानसून सेशन खत्म नहीं हुआ

