World Spine Day: क्या आपको भी सुबह उठते ही पीठ में जकड़न महसूस होती है या कुर्सी पर घंटों बैठे रहने के बाद झुकने में सुई जैसी टीस उठती है? अमूमन हम में से ज्यादातर लोग इसे थकान मानकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कमर का यह दर्द रीढ़ की हड्डी के कमजोर पड़ने की पहली चेतावनी हो सकता है? जब तक बात सहने लायक रहती है, हम दर्द निवारक दवाएं खाकर काम चलाते रहते हैं। जब रीढ़ अस्थिर होती है, तो हमारे निचले हिस्से पर दोगुना दबाव आ जाता है। कमजोर कोर मतलब कमर दर्द को खुला निमंत्रण। वर्ल्ड स्पाइन डे (World Spine Day) हर साल 16 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य मकसद दुनिया भर में लोगों को रीढ़ की हड्डी (Spine) की सेहत और पीठ/कमर दर्द से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, रीढ़ की स्थिरता (Spine Stability) किसी सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की तरह काम करती है। जब पूरे धड़ की मांसपेशियां एक लय में काम करती हैं, तभी रीढ़ सुरक्षित रहती है। इसको मजबूत और दर्दमुक्त बनाने के लिए आपको घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। हार्वर्ड हेल्थ और कनाडाई यूनिवर्सिटी ऑफ वॉटरलू के रीढ़ बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डॉ. स्टुअर्ट मैकगिल द्वारा सुझाए गए ‘बिग थ्री’ (Big Three) मूव्स आपकी रीढ़ को नई ताकत दे सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्या हैं हार्वर्ड के वे 3 स्पाइन मूव्स?
इन तीनों कसरतों को एक ‘पिरामिड पैटर्न’ में करना सबसे सही माना जाता है। यानी शुरुआत 5 रेप्स (दोहराव) से करें, फिर 3 रेप्स करें और अंत में 1 रेप। हफ्ते में 2 से 3 दिन इन्हें दिनचर्या में शामिल करके देखिए, फिर कमाल महसूस होगा। मेयो क्लिनिक का भी कहना है कि शुरुआत में हर कसरत को बस 2-4 बार ही करें। फिर जैसे-जैसे आपका शरीर इसका आदी होता जाए और यह आसान लगने लगे, तो धीरे-धीरे गिनती बढ़ाते जाएं।

1. कर्ल-अप (Curl-Up): पीठ पर बिना दबाव डाले एब्स करें मजबूत
पारंपरिक क्रंचेस या सिट-अप्स अक्सर निचली पीठ पर झटकेदार दबाव डालते हैं। इसके विपरीत कर्ल-अप आपकी रीढ़ की प्राकृतिक बनावट को सुरक्षित रखते हुए कोर को मजबूत बनाता है। पीठ के बल सीधे लेट जाएं। एक पैर को सीधा फैलाएं और दूसरे पैर को घुटने से मोड़कर तलवा जमीन पर रखें। रीढ़ के कुदरती मोड़ को बनाए रखने के लिए दोनों हाथों की हथेलियों को कमर के निचले हिस्से के नीचे रखें। सांस छोड़ते हुए केवल अपने सिर, कंधों और सीने को एक साथ थोड़ा सा ऊपर उठाएं। ध्यान रखें, गर्दन को आगे की तरफ न झुकाएं। इस स्थिति में 10 सेकंड तक रुकें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं। 5 बार दोहराने के बाद पैर की स्थिति बदलें।
2. साइड प्लैंक (Side Plank) जो साइड कोर और हिप्स को मजबूती देता है
यह एक्सरसाइज धड़ के साइड वाले हिस्सों की मांसपेशियों को सक्रिय करती है, जिससे झुकते या मुड़ते समय रीढ़ की हड्डी असंतुलित नहीं होती। करवट लेकर लेट जाएं और अपनी कोहनी को कंधे के ठीक नीचे जमीन पर टिकाएं। घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर पीछे मोड़ें। अब अपने कूल्हों (Hips) को जमीन से ऊपर उठाएं ताकि सिर से घुटने तक एक सीधी रेखा बने। 10 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। यह प्रक्रिया 5 बार दोहराएं और फिर दूसरी तरफ करवट लेकर करें। (सुविधाजनक होने पर पैरों को बिल्कुल सीधा रखकर भी इसे कर सकते हैं)।
3. बर्ड-डॉग (Bird-Dog): संतुलन और रीढ़ का तालमेल
देखा जाए तो यह योग के मार्जरी-आसन से मिलता-जुलता एक वैज्ञानिक मूव है, जो पूरे बैक मसल्स और बैलेंस को एक साथ टारगेट करता है। फर्श पर अपने दोनों हाथों और घुटनों के बल आ जाएं (टेबल की स्थिति)। अब बाएं हाथ को आगे की तरफ सीधा फैलाएं और उसी समय दाएं पैर को पीछे की ओर सीधा उठाएं। हाथ और पैर दोनों जमीन के समानांतर होने चाहिए। शरीर को स्थिर रखते हुए 10 सेकंड होल्ड करें और फिर शुरुआती स्थिति में आ जाएं। यही प्रक्रिया दूसरे हाथ और पैर के साथ 5 बार दोहराएं।
रीढ़ की सुरक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी
- कसरत के दौरान शरीर को अचानक या झटके से न मोड़ें।
- हर एक्सरसाइज के दौरान सांस लेने और छोड़ने की लय सामान्य बनाए रखें।
- अगर पीठ दर्द पुराना या गंभीर है, तो इन मूव्स को शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
कमर दर्द से राहत पाने के लिए घंटों जिम जाना या भारी वजन उठाना जरूरी नहीं है। रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबल और मजबूत बनाने का असली राज सही कोर स्टेबिलिटी में छिपा है। यदि आप रोजाना सिर्फ 10 मिनट निकालकर हार्वर्ड के इन 3 आसान ‘बिग थ्री’ मूव्स का अभ्यास करते हैं, तो न केवल आपका पुराना दर्द दूर होगा बल्कि भविष्य में होने वाली रीढ़ की चोटों से भी बचाव रहेगा। यह आपकी रीढ़ के लिए एक जीवनभर का बीमा है!

