World Food Day: खट्टी डकारें, पेट में भारीपन और सुबह-सुबह वॉशरूम के चक्कर। त्योहारी सीजन में घर-घर में यह परेशानी शुरू हो जाती है। हम पूड़ी, कचौरी, मिठाइयां और मेवे खुशी-खुशी खा तो लेते हैं, लेकिन उसके बाद हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम हांफने लगता है। हर साल की तरह इस बार भी 16 अक्टूबर को वर्ल्ड फ़ूड डे 2026 (World Food Day 2026) मनाया जा रहा है। इस साल संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की वैश्विक थीम सभी के लिए सुरक्षित, पौष्टिक और संतुलित भोजन के अधिकार पर जोर देती है। लेकिन जब हमारी थाली में पोषण के बजाय जरूरत से ज्यादा घी, तेल और चीनी आ जाती है, तो शरीर तुरंत जवाब दे देता है। आइए जानते हैं कि हमारी कौनसी 3 आदतें हमारे पेट को ज्यादा खराब करती हैं, High BP के लिए DASH डाइट चार्ट कैसे काम करता है और क्या होता है।
हमारी ये 3 आदतें पेट को खराब कर सकती हैं
हम स्वाद के चक्कर में अपने पेट की क्षमता भूल जाते हैं। इसके बाद पेट खराब होने का मुख्य कारण केवल खाना नहीं, बल्कि उसके बाद की जाने वाली गलतियां होती हैं।
1.चाय का ओवरडोज- पेट भारी लगते ही कई लोग गैस भगाने के नाम पर बार-बार कड़क चाय पीने लगते हैं। चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन खाली पेट एसिडिटी को दस गुना बढ़ा देते हैं।
2. अचानक उपवास या डिटॉक्स- कल तक खूब तला-भुना खाया और आज अचानक एकदम भूखे पेट रहने लगे। यह झटका आंतों के गुड बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म कर देता है।
3. बिना सोचे- समझे एंटासिड या हाजमे की गोलियां लेना- हर आधे घंटे में चूर्ण या गैस की सिरप पीना पेट के प्राकृतिक डाइजेस्टिव एसिड का संतुलन बिगाड़ देता है।
मेयो क्लीनिक की न्यूट्रिशन गाइडलाइंस
मेयो क्लीनिक (Mayo Clinic) की न्यूट्रिशन एक्सपर्ट गाइडलाइंस के अनुसार, जब अचानक भारी और वसायुक्त भोजन पेट में जाता है, तो हमारा पाचन तंत्र धीमा पड़ जाता है। इसे ठीक करने के लिए क्रैश डाइट या कड़े उपवास के बजाय पेट को धीरे-धीरे ‘हल्की और फाइबर-युक्त’ खुराक पर लाना चाहिए। पाचन क्रिया को दोबारा सही करने के लिए पर्याप्त पानी बेहद जरूरी है। गुनगुना पानी आंतों में जमा चिकनाई और एक्स्ट्रा सोडियम को बाहर निकालता है। अचानक बहुत ज्यादा कच्ची सलाद या फाइबर न खाएं। उबली हुई सब्जियां, दलिया और खिचड़ी जैसे नरम खाद्य पदार्थ आंतों को आराम देते हैं। घर का ताजा दही या छाछ पेट के प्राकृतिक माइक्रोबायोम को दोबारा जिंदा करते हैं।
ब्लड प्रेशर (High BP) को कंट्रोल करने और दिल की सेहत सुधारने के लिए मेयो क्लीनिक (Mayo Clinic) की DASH (Dietary Approaches to Stop Hypertension) डाइट को दुनिया में सबसे असरदार माना जाता है। DASH डाइट का मुख्य मकसद सोडियम (नमक) की मात्रा को घटाकर पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना है।

3-दिन का सेफ इंडियन DASH डाइट चार्ट
1. पहला दिन (Day 1)
- सुबह उठते ही- 1 गिलास गुनगुना पानी + 4-5 भीगे हुए बादाम (बिना नमक वाले)।
- नाश्ता- 1 कटोरी नमकीन ओट्स/दलिया (हरी सब्जियों के साथ) + 1 कप टोंड मिल्क/चाय (बिना चीनी या नाममात्र)।
- दोपहर का खाना- 2 मल्टीग्रेन रोटी + 1 कटोरी मूंग दाल + 1 कटोरी लौकी की सब्जी + 1 कटोरी ताजा दही + थोड़ा सा खीरा-टमाटर का सलाद।
- शाम का स्नैक- 1 मुट्ठी भुना मखाना या 1 माध्यम सेब।
- रात का खाना- 1 कटोरी वेज खिचड़ी (कम नमक और 1 चम्मच देसी घी के साथ) या 1 कप उबली हुई सब्जियां + 1 रोटी।
2 . दूसरा दिन (Day 2)
- सुबह उठते ही- 1 गिलास नींबू पानी (बिना नमक या चीनी) + 2 अकरोट की गिरी।
- नाश्ता- 2 बेसन का चीला (पालक/गाजर कद्दूकस करके मिलाया हुआ) + हरी पुदीना-धनिया चटनी (कम नमक)।
- दोपहर का खाना- 1 कप ब्राउन राइस + 1 कटोरी राजमा या छोले (कम तेल-मसाले वाले) + 1 कटोरी मिक्स वेज + 1 गिलास छाछ (बिना नमक, भुना जीरा मिलाकर)।
- शाम का स्नैक- 1 कप पपीता या 1 उबला हुआ अंडा (केवल सफेद भाग, यदि आप मांसाहारी हैं)।
- रात का खाना- 2 बाजरा/गेहूं की रोटी + 1 कटोरी तोरई/परवल की सब्जी + 1 कटोरी अरहर दाल।
3. तीसरा दिन (Day 3)
- सुबह उठते ही- 1 गिलास मैथी दाना पानी + 4 भीगी मुनक्का।
- नाश्ता- 1 प्लेट सूजी-वेजिटेबल उपमा या पोहा (मटर और मूंगफली के साथ) + 1 संतरा/मौसमी।
- दोपहर का खाना- 2 मिक्स ग्रेन रोटी + 1 कटोरी मेथी-पालक की सब्जी + 1 कटोरी मिक्स दाल + 1 कटोरी कम फैट वाला दही।
- शाम का स्नैक- 1 कटोरी उबला हुआ स्प्राउट्स (अंकुरित मूंग/चना में नींबू और खीरा मिलाकर)।
- रात का खाना- 1 बड़ा बाउल वेजिटेबल/ग्रिल्ड पनीर सूप + 1 रोटी और भिंडी की सब्जी।
सेंधा नमक भी ज्यादा न खाएं- कई लोग मानते हैं कि सेंधा या काला नमक बीपी नहीं बढ़ाता, जबकि उसमें भी सोडियम की मात्रा काफी होती है। खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए नमक के बजाय नींबू का रस, भुना जीरा, कस्तूरी मेथी, हरा धनिया और काली मिर्च का इस्तेमाल करें। इससे सोडियम की कमी महसूस नहीं होगी।

