रोडवेज बस का निर्धारित स्थान नारनौल की बजाय कुंड में रात्रि ठहराव करना ड्राईवर-कंडक्टर को भारी पड़ गया। रोडवेज महाप्रबंधक निरंजन कुमार ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से करीब एक माह पहले ही बस का रात्रि ठहराव कुंड से बदलकर नारनौल निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद चालक-परिचालक ने बस को नारनौल ले जाने की बजाय कुंड में ही खड़ा कर दिया। नारनौल बस अड्डा इंचार्ज की रिपोर्ट के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार पहले यह बस कुंड बस अड्डे पर रात्रि ठहराव करती थी। चालक-परिचालक के गांव भी कुंड के नजदीक हैं, इसलिए वे पहले से ही बस को वहां खड़ा करते आ रहे थे। विभाग की ओर से व्यवस्था में बदलाव करते हुए करीब एक माह पहले बस का नाइट ठहराव नारनौल कर दिया गया था। इसके बाद ड्राईवर-कंडक्टर को निर्धारित आदेश के अनुसार बस को नारनौल में खड़ा करना था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। चालक-परिचालक की ओर से बस खराब होने का हवाला दिया गया है। उनका कहना है कि रात्रि ठहराव के लिए जाते समय कुंड में बस खराब हो गई थी, जिसके कारण उन्हें बस वहीं खड़ी करनी पड़ी। हालांकि, विभाग का आरोप है कि बस खराब होने की सूचना न तो नारनौल बस अड्डा इंचार्ज को दी गई और न ही मुख्यालय को इसकी जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि बस रास्ते में या निर्धारित स्थान पर पहुंचने से पहले खराब हुई थी तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देना जरूरी था। नाइट भत्ता मिलने के बावजूद नियमों की अनदेखी रोडवेज की ओर से ड्राईवर-कंडक्टर को निर्धारित स्थान पर रात्रि ठहराव करने के लिए नियमानुसार नाइट भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। ऐसे में निर्धारित स्थान की बजाय अपनी मर्जी से बस को दूसरे स्थान पर खड़ा करना विभागीय अनुशासन के खिलाफ माना गया। नारनौल बस अड्डा इंचार्ज की रिपोर्ट के आधार पर दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए दोनों कर्मचारी रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान और सचिव बताए जा रहे हैं। महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बस खराब हुई थी तो सूचना देना जरूरी था रोडवेज महाप्रबंधक निरंजन कुमार ने कहा कि नारनौल की बजाय कुंड में बस का रात्रि ठहराव करने के चलते ड्राईवर-कंडक्टर को निलंबित किया गया है। इस तरह की लापरवाही से डिपो की व्यवस्था खराब हो सकती है। यदि बस खराब हुई थी तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित शाखा को देनी चाहिए थी।

