लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर में गुरुवार को विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच मिला। महाविद्यालय के ELAN (इंग्लिश लिटरेरी एसोसिएशन ऑफ नवयुग) की ओर से सभागार में ओपन माइक प्रतियोगिता की गई। इसमें विभिन्न संकायों के 21 विद्यार्थियों ने कविता, भाषण और हास्य प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लैंगिक समानता, सामाजिक रूढ़ियों, मानवीय मूल्यों और व्यक्तिगत संघर्ष जैसे विषयों को उठाया। अरुधंति यादव ने मानवीय समानता और दूसरों का आकलन करने की प्रवृत्ति पर विचार रखे। दीप्ति सेंगर ने लैंगिक हिंसा और पीड़ितों को दोषी ठहराने की मानसिकता का विरोध किया। निधि ने गीता के ज्ञान और कर्मनिष्ठा के महत्व को बताया मुस्कान मिश्रा ने श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं पर आधारित कविता प्रस्तुत की। निधि ने गीता के ज्ञान और कर्मनिष्ठा के महत्व को बताया। निकिता सिंह ने ‘हां, मैं लड़की हूं’ कविता के जरिए स्त्री की पहचान और आत्मसम्मान को सामने रखा। निकिता दीक्षित ने महिलाओं के लिए तय रूढ़िबद्ध भूमिकाओं पर सवाल उठाए। श्रुति ने संघर्ष विषय पर चुनौतियों का सामना करने का संदेश दिया। वर्तिका श्रीवास्तव ने ‘परफेक्ट लड़की बनने का दबाव’ विषय के जरिए सामाजिक अपेक्षाओं और दूसरों के निर्णय से पैदा होने वाले मानसिक दबाव को उजागर किया। वैदेही यादव ने अंग्रेजी भाषा और उच्चारण सीखने से जुड़े सामाजिक दबावों को हास्यपूर्ण कहानी के जरिए प्रस्तुत किया। अंशिका सिंह ने मानवीय मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया। मंच पर आना ही आत्मविश्वास की पहचान कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीमा छाबड़ा ने किया। निर्णायक मंडल में मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी और प्रो. मंजुला यादव शामिल रहीं। प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने विद्यार्थियों को पढ़ने, सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर अपनी राय विकसित करने और आसपास की घटनाओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी ने कहा कि हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है, जरूरत उसे सामने लाने के अवसर की है। प्रतियोगिता में वैदेही यादव और निकिता दीक्षित ने प्रथम, शुभी सिंह ने द्वितीय और निधि बाजपेयी ने तृतीय स्थान हासिल किया। मुस्कान मिश्रा, दीप्ति सेंगर और दर्शना उपाध्याय को सांत्वना पुरस्कार मिला।

