राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महाविद्यालयीन युवा कार्य की ओर से गुरुवार को खंडवा में पथ संचलन निकाला गया। पूर्ण गणवेश में शामिल स्वयंसेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। इसके बाद बौद्धिक कार्यक्रम में संघ के प्रचारक विक्रम रघुवंशी ने युवाओं को भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के प्रति जिम्मेदारियों की जानकारी दी। प्रचारक ने कहा- युवा दुनिया के किसी भी देश में जाएं। लेकिन अपनी भाषा, वेशभूषा और परंपराओं से जुड़े रहें। इन सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है। शिवाजी चौक से शुरू हुआ पथ संचलन पथ संचलन शाम 5 बजे शिवाजी चौक स्थित उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से शुरू हुआ। स्वयंसेवक इमलीपुरा, बड़ाबम, रेलवे स्टेशन, बॉम्बे बाजार, फूल गली, मच्छी बाजार, बजरंग चौक, घंटाघर और मेडिकल चौक होते हुए वापस उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पहुंचे। शाम 6:30 बजे संचलन का समापन हुआ। युवाओं से रोजगार अवसर पैदा करने का आह्वान मुख्य वक्ता विक्रम रघुवंशी ने युवाओं से अपनी क्षमताओं और कौशल का उपयोग समाज व देश के विकास में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें। बल्कि अपनी योग्यता और उद्यमशीलता के आधार पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी काम करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिकता और वैश्विक अवसर अपनाने के साथ अपनी भाषा, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए। इन मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी करना चाहिए। सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित पर जोर रघुवंशी ने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि जातिगत टकराव पैदा करने वाले प्रयासों के प्रति समाज को सतर्क रहना चाहिए। राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर जाति और सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर देश की एकता और अखंडता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान और महापुरुषों के जीवन से सामाजिक सद्भाव और समरसता की प्रेरणा मिलती है। समाज की मजबूती के लिए आपसी सहयोग और साझा सांस्कृतिक मूल्यों को महत्व देना जरूरी है। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर बात करते हुए रघुवंशी ने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक विचारों के प्रसार के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से भ्रामक और समाज को बांटने वाली सामग्री के प्रति सतर्क रहने तथा डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की। संस्कृति-परंपराओं को व्यवहार में अपनाने की बात रघुवंशी ने भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराओं को देश की धरोहर बताते हुए युवाओं से इन्हें व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने गौसेवा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान को सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। सकारात्मक विचारों का प्रसार करें डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए रघुवंशी ने कहा कि ये माध्यम अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और जनजागरण के प्रभावी साधन बन चुके हैं। युवाओं को आत्ममंथन करना चाहिए कि वे प्रतिदिन मोबाइल पर कितना समय बिताते हैं और उसका उपयोग समाज, संस्कृति व राष्ट्र के लिए किस तरह कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर सकारात्मक विचारों के प्रसार, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। साथ ही, भ्रामक और समाज को बांटने वाली सामग्री के प्रति सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा मिले। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को व्यवहार में उतारने का आह्वान रघुवंशी ने भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराओं को देश की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए युवाओं से इनके प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कार और परंपराएं जीवन में व्यवहार के स्तर पर भी दिखाई देनी चाहिए। गौसेवा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान को सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

