औरंगाबाद में गुरुवार को नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया। औरंगाबाद पुलिस की ओर से आयोजित ‘नशे से आजादी, हम सबकी जिम्मेदारी- Fight Against Drugs’ कार्यक्रम के तहत बनारस से गुजरात के एकता नगर जा रही राष्ट्रीय बाइक रैली का सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज परिसर में भव्य स्वागत किया गया। रैली में शामिल 60 बाइकर्स ने अपनी यात्रा के दौरान लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। बनारस से भोपाल होते हुए गुजरात जा रही इस बाइक रैली को औरंगाबाद में जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिला। कॉलेज परिसर में बाइकर्स के लिए लगभग आधे घंटे का ठहराव निर्धारित किया गया था। इस दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य लोगों ने रैली में शामिल सदस्यों से संवाद किया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी की अपील की गई। नशा समाज को तोड़ता है, एकजुट होकर लड़ने की जरूरत सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य ने कार्यक्रम को महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि बाइकर्स हजारों किलोमीटर की यात्रा कर पूरे देश में नशामुक्ति का संदेश फैला रहे हैं। यह पहल विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करने वाली है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्राचार्य ने सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश की रियासतों का एकीकरण कर भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज नशे के खिलाफ भी समाज को इसी तरह एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सूखा नशा, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ समाज को नुकसान पहुंचाते हैं। इनके कारण परिवारों में परेशानियां बढ़ती हैं और युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। रैली का प्रमुख नारा ‘No Drugs, Yes Life’ युवाओं को स्वस्थ और बेहतर जीवन अपनाने का संदेश देता है। नशामुक्त समाज बनाना हम सबकी जिम्मेदारी कार्यक्रम में औरंगाबाद पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्ति केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और उन्हें शिक्षा, सकारात्मक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना समय की जरूरत है। अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान तभी सफल होगा, जब आम लोग भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। खासकर विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों को समझते हुए दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। नशामुक्त समाज के निर्माण से ही स्वस्थ, सुरक्षित और मजबूत भारत की कल्पना साकार हो सकती है। इस अवसर पर कॉलेज के प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय बाइक रैली के सदस्यों ने अपने अभियान के उद्देश्य को साझा किया। वहीं, आयोजन में सहयोग के लिए रैली से जुड़े लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस के प्रति आभार जताया। औरंगाबाद में गुरुवार को नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया। औरंगाबाद पुलिस की ओर से आयोजित ‘नशे से आजादी, हम सबकी जिम्मेदारी- Fight Against Drugs’ कार्यक्रम के तहत बनारस से गुजरात के एकता नगर जा रही राष्ट्रीय बाइक रैली का सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज परिसर में भव्य स्वागत किया गया। रैली में शामिल 60 बाइकर्स ने अपनी यात्रा के दौरान लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। बनारस से भोपाल होते हुए गुजरात जा रही इस बाइक रैली को औरंगाबाद में जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिला। कॉलेज परिसर में बाइकर्स के लिए लगभग आधे घंटे का ठहराव निर्धारित किया गया था। इस दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य लोगों ने रैली में शामिल सदस्यों से संवाद किया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी की अपील की गई। नशा समाज को तोड़ता है, एकजुट होकर लड़ने की जरूरत सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य ने कार्यक्रम को महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि बाइकर्स हजारों किलोमीटर की यात्रा कर पूरे देश में नशामुक्ति का संदेश फैला रहे हैं। यह पहल विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करने वाली है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्राचार्य ने सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश की रियासतों का एकीकरण कर भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज नशे के खिलाफ भी समाज को इसी तरह एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सूखा नशा, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ समाज को नुकसान पहुंचाते हैं। इनके कारण परिवारों में परेशानियां बढ़ती हैं और युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। रैली का प्रमुख नारा ‘No Drugs, Yes Life’ युवाओं को स्वस्थ और बेहतर जीवन अपनाने का संदेश देता है। नशामुक्त समाज बनाना हम सबकी जिम्मेदारी कार्यक्रम में औरंगाबाद पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्ति केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और उन्हें शिक्षा, सकारात्मक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना समय की जरूरत है। अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान तभी सफल होगा, जब आम लोग भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। खासकर विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों को समझते हुए दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। नशामुक्त समाज के निर्माण से ही स्वस्थ, सुरक्षित और मजबूत भारत की कल्पना साकार हो सकती है। इस अवसर पर कॉलेज के प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय बाइक रैली के सदस्यों ने अपने अभियान के उद्देश्य को साझा किया। वहीं, आयोजन में सहयोग के लिए रैली से जुड़े लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस के प्रति आभार जताया।

