बेहरामा पुलिस कार्रवाई के विरोध में सीवान में मार्च:2 की हुई थी मौत, महिलाओं-बच्चों की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रोटेस्ट, पुतला जलाया

बेहरामा पुलिस कार्रवाई के विरोध में सीवान में मार्च:2 की हुई थी मौत, महिलाओं-बच्चों की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रोटेस्ट, पुतला जलाया

पटना ग्रामीण के पुनपुन प्रखंड स्थित बेहरामा गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान दो लोगों की मौत और महिलाओं एवं बच्चों की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को सीवान में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। भाकपा-माले, खेग्रामस और ऐपवा के संयुक्त नेतृत्व में निकाले गए मार्च के बाद शहर के जेपी चौक पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बेहरामा की घटना को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर को पुनपुन प्रखंड के बेहरामा गांव की मुसहर बस्ती में पिपरा थानाध्यक्ष प्रिंस राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे थे। मामले में 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा इस दौरान गिरफ्तारी अभियान के नाम पर महिलाओं और छोटी बच्चियों के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार किया गया। नेताओं का दावा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान रामू मांझी और आकाश मांझी की पुनपुन नदी में डूबने से मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों की मौत के लिए पुलिस कार्रवाई जिम्मेदार है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जिनमें 32 महिलाएं शामिल हैं। चार दूधमुंहे बच्चों को भी जेल में रखे जाने का दावा करते हुए संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई नेताओं ने कहा कि गरीब, दलित और महादलित समुदाय के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा महिलाओं और बच्चों की गिरफ्तारी गंभीर चिंता का विषय है। संगठनों की संयुक्त उच्चस्तरीय जांच टीम ने 9अक्टूबर को बेहरामा गांव की मुसहर बस्ती पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की थी। टीम ने घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई और पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग प्रदर्शन के दौरान नवादा घाट चौक की एक अन्य घटना का भी मुद्दा उठाया गया। संगठनों के नेताओं के अनुसार, 25 सितंबर को मल्लाह समुदाय के सुरेश महतो की पुलिस ने कथित तौर पर पिटाई की थी। उनकी पत्नी और बच्ची के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया।नेताओं ने दावा किया कि इस घटना के बाद सुरेश महतो के बेटे रवि कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाकपा-माले, खेग्रामस और ऐपवा के नेताओं ने कहा कि इन घटनाओं के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन के तहत प्रतिरोध मार्च निकाला गया और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। उन्होंने बेहरामा की घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। पटना ग्रामीण के पुनपुन प्रखंड स्थित बेहरामा गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान दो लोगों की मौत और महिलाओं एवं बच्चों की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को सीवान में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। भाकपा-माले, खेग्रामस और ऐपवा के संयुक्त नेतृत्व में निकाले गए मार्च के बाद शहर के जेपी चौक पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बेहरामा की घटना को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर को पुनपुन प्रखंड के बेहरामा गांव की मुसहर बस्ती में पिपरा थानाध्यक्ष प्रिंस राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे थे। मामले में 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा इस दौरान गिरफ्तारी अभियान के नाम पर महिलाओं और छोटी बच्चियों के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार किया गया। नेताओं का दावा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान रामू मांझी और आकाश मांझी की पुनपुन नदी में डूबने से मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों की मौत के लिए पुलिस कार्रवाई जिम्मेदार है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जिनमें 32 महिलाएं शामिल हैं। चार दूधमुंहे बच्चों को भी जेल में रखे जाने का दावा करते हुए संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई नेताओं ने कहा कि गरीब, दलित और महादलित समुदाय के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा महिलाओं और बच्चों की गिरफ्तारी गंभीर चिंता का विषय है। संगठनों की संयुक्त उच्चस्तरीय जांच टीम ने 9अक्टूबर को बेहरामा गांव की मुसहर बस्ती पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की थी। टीम ने घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई और पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग प्रदर्शन के दौरान नवादा घाट चौक की एक अन्य घटना का भी मुद्दा उठाया गया। संगठनों के नेताओं के अनुसार, 25 सितंबर को मल्लाह समुदाय के सुरेश महतो की पुलिस ने कथित तौर पर पिटाई की थी। उनकी पत्नी और बच्ची के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया।नेताओं ने दावा किया कि इस घटना के बाद सुरेश महतो के बेटे रवि कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाकपा-माले, खेग्रामस और ऐपवा के नेताओं ने कहा कि इन घटनाओं के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन के तहत प्रतिरोध मार्च निकाला गया और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। उन्होंने बेहरामा की घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।  

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