गिरिडीह के पचंबा मुख्य मार्ग पर गुरुवार को बालू लदे वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो छात्राएं घायल हो गईं। घायल छात्राओं की पहचान वर्षा और काजल के रूप में हुई है। दोनों स्कूटी से पचंबा से झंडा मैदान जा रही थीं। इसी दौरान बालू लदे वाहन की चपेट में आने से हादसा हो गया। दुर्घटना में स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। छात्राओं के घायल होने की खबर मिलते ही छात्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने सड़क पर बालू लदे वाहनों को रोककर विरोध जताया। इस दौरान बालू गिराकर लौट रहे पांच से छह वाहनों को रोक दिया गया। छात्रों ने घायल छात्राओं के इलाज और उचित मुआवजे की मांग की। उनका कहना था कि मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हादसे के बाद सड़क पर उतरे छात्र, वाहनों को रोका दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में नाराजगी देखी गई। छात्रों ने बालू लदे वाहनों के परिचालन पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से आम लोगों और विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। खासकर मुख्य मार्गों पर बालू लदे वाहनों को सावधानी से चलाया जाना चाहिए। छात्रों ने मांग की कि घायल छात्राओं के इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए और उन्हें उचित मुआवजा मिले। विरोध के दौरान बालू गिराकर लौट रहे पांच-छह वाहनों को रोककर नाराजगी जताई गई। घटना की सूचना मिलने पर पचंबा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और वाहन की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बालू के अवैध परिवहन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग हादसे के बाद गिरिडीह में बालू के अवैध परिवहन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों ने पूछा कि जब सरकार अवैध बालू निकासी पर रोक लगाने की बात कहती है, तो सड़कों पर बालू लदे वाहन कैसे चल रहे हैं। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना है कि भारी वाहनों के परिचालन के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। खासकर शैक्षणिक गतिविधियों वाले इलाकों और मुख्य सड़कों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। घटना ने सड़क सुरक्षा और बालू परिवहन की व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की नजर है। गिरिडीह के पचंबा मुख्य मार्ग पर गुरुवार को बालू लदे वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो छात्राएं घायल हो गईं। घायल छात्राओं की पहचान वर्षा और काजल के रूप में हुई है। दोनों स्कूटी से पचंबा से झंडा मैदान जा रही थीं। इसी दौरान बालू लदे वाहन की चपेट में आने से हादसा हो गया। दुर्घटना में स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। छात्राओं के घायल होने की खबर मिलते ही छात्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने सड़क पर बालू लदे वाहनों को रोककर विरोध जताया। इस दौरान बालू गिराकर लौट रहे पांच से छह वाहनों को रोक दिया गया। छात्रों ने घायल छात्राओं के इलाज और उचित मुआवजे की मांग की। उनका कहना था कि मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हादसे के बाद सड़क पर उतरे छात्र, वाहनों को रोका दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में नाराजगी देखी गई। छात्रों ने बालू लदे वाहनों के परिचालन पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से आम लोगों और विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। खासकर मुख्य मार्गों पर बालू लदे वाहनों को सावधानी से चलाया जाना चाहिए। छात्रों ने मांग की कि घायल छात्राओं के इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए और उन्हें उचित मुआवजा मिले। विरोध के दौरान बालू गिराकर लौट रहे पांच-छह वाहनों को रोककर नाराजगी जताई गई। घटना की सूचना मिलने पर पचंबा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और वाहन की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बालू के अवैध परिवहन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग हादसे के बाद गिरिडीह में बालू के अवैध परिवहन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों ने पूछा कि जब सरकार अवैध बालू निकासी पर रोक लगाने की बात कहती है, तो सड़कों पर बालू लदे वाहन कैसे चल रहे हैं। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना है कि भारी वाहनों के परिचालन के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। खासकर शैक्षणिक गतिविधियों वाले इलाकों और मुख्य सड़कों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। घटना ने सड़क सुरक्षा और बालू परिवहन की व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की नजर है।

