झांसी में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा कोछाभांवर, टांकोरी, मुस्तरा और पिछोर में प्रस्तावित आवास विकास योजना संख्या-4 के विरोध में प्रभावित ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी है। पिछले 18 महीनों से अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्रवासियों द्वारा आयोजित तीन दिवसीय क्रमिक अनशन का आज समापन हो गया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे किसानों, काश्तकारों, प्लॉट व मकान मालिकों, व्यापारियों और मजदूरों का कहना है कि उनकी मांग बिल्कुल स्पष्ट और अंतिम है। वह चाहते हैं कि आवास विकास योजना संख्या-4 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर इसका आधिकारिक लिखित आदेश जारी किया जाए। ग्रामीणों के अनुसार, यह केवल जमीन का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनकी आजीविका, परिवार के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों से जुड़ा विषय है। वह अपनी उपजाऊ कृषि भूमि, आवासीय और व्यापारिक संपत्तियों को बचाने के लिए एकजुट हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वह अब केवल मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। यदि शासन द्वारा योजना निरस्तीकरण का लिखित आदेश जल्द जारी नहीं किया गया, तो वह क्रमिक अनशन के बाद अब आमरण अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही चारों प्रभावित गांवों के निवासियों ने मांग पूरी न होने पर आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रशासन से टकराव करना नहीं, बल्कि अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने शासन से मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है।

