संभल के जुनावई ब्लॉक के लहरा नगला श्याम गांव में 15 दिन के भीतर दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों की शवयात्रा गांव के करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरी। बुधवार को बड़े भाई रामफल (45) की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव लेकर 14 किलोमीटर दूर असदपुर गंगा घाट पहुंचे। शाम करीब 6:30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते की बदहाली को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। डेढ़ किमी रास्ते पर फैला है कीचड़ लहरा नगला श्याम गांव जिला मुख्यालय बहजोई से करीब 35 किलोमीटर दूर है। गांव की आबादी लगभग 3,000 है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव का करीब डेढ़ किलोमीटर रास्ता पूरी तरह खराब है और उस पर कीचड़ फैला रहता है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बुधवार को रामफल की शवयात्रा में करीब 1,000 लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। इससे पहले 15 दिन पूर्व उनके छोटे भाई सोफाली की मौत के बाद भी शवयात्रा इसी रास्ते से निकली थी। कई बार शिकायत, समाधान नहीं हुआ ग्रामीण मदनलाल ने बताया कि गांव में साफ-सफाई और रास्ते की समस्या को लेकर बीडीओ से लेकर एसडीएम तक कई बार शिकायत की जा चुकी है। हर बार समाधान का आश्वासन मिलता है, लेकिन मौके पर कोई ठोस काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि छोटे भाई की मौत के बाद भी शिकायत की गई थी, फिर भी रास्ते की हालत नहीं बदली। रामफल अविवाहित थे। उनके छोटे भाई सोफाली के परिवार में पत्नी गुड्डो देवी, दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार के पास खेती के लिए करीब तीन बीघा जमीन थी, जिस पर खेती करके वे परिवार का पालन-पोषण करते थे। गांव में दो भाइयों की मौत के बाद परिवार शोक में है। वहीं, ग्रामीणों ने रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

