प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव शुरू हो गए। जयपुर जिला परिषद के सभी 57 वार्डो के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन 57 वार्डो में आए नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब 170 उम्मीदवार है, जो मैदान में बचे है, जिनके पास नाम वापसी के लिए 15 अक्टूबर तक का समय बचा है। 57 वार्डो के लिए आए नामांकन पत्रों में प्रमुख पार्टियों कांग्रेस-बीजेपी की स्थिति देखे तो इस बार कांग्रेस ने 8 जेन-जी प्रत्याशी मैदान में उतारे है, जबकि बीजेपी ने केवल 1 जेन-जी प्रत्याशी को टिकट देकर मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने एक जेन-जी प्रत्याशी ऐसा भी उतारा है, जो मजदूर है। निवर्तमान जिला प्रमुख से ज्यादा धनवान उप जिला प्रमुख इन चुनावों में इस बार बीजेपी ने निवर्तमान जिला प्रमुख रमा देवी चौपड़ा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने निवर्तमान उप जिला प्रमुख मोहन डागर को टिकट दिया है। दोनों उम्मीदवारों की सम्पत्तियों की स्थिति देखे तो डागर करोड़पति है। उनके पास 50 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल सम्पत्तियां है। वहीं निवर्तमान जिला प्रमुख ने अपनी अचल सम्पत्तियों का खुलासा नहीं किया, जबकि 80 लाख रुपए कीमत की चल सम्पत्ति उनके और उनके पति के पास है। इसमें नकदी, बैंक बैलेंस, बचत योजनाएं, सोना-चांदी, गाड़ी शामिल है। कांग्रेस ने मजदूर की पत्नी को बनाया उम्मीदवार कांग्रेस ने एक ऐसी महिला प्रत्याशी भी मैदान में उतारी है, जो पेशे से मजदूर है। वार्ड नं. 10 से अंजू यादव को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। अंजू यादव 8वीं पास है और उनकी और उनके पति चेतन यादव की कुल सम्पत्ति (नकद और बैंक खाते में) मात्र 1.36 लाख रुपए है। इनके पास न रहने के लिए खुद का मकान, न ही जमीन का एक गज टुकड़ा और कोई गाड़ी, गहने। घर की आय का स्त्रोत मजदूरी है, जो उनके पति करते है, जबकि वे हाउस वाइफ (गृहिणी) है।

