पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की प्रतिबद्धता जताई। पंजाब के मानसा जिले में परविंदर सिंह की मंगलवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में प्रशासन ने बुधवार को हत्यारोपी के मकान का एक हिस्सा ढहा दिया।
मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को कतई सहन नहीं करने संबंधी अपनी सरकार की नीति को दोहराते हुए पंजाब के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। हत्या की इस वारदात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को प्रत्येक स्तर पर चूक की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि साजिश में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा।
मान ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मानसा में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पंजाब पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस मामले में किसी की भी साजिश सामने आती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जायेगा।’’
मान ने कहा कि यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने डीजीपी को हर स्तर पर किसी भी तरह की चूक की जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मादक पदार्थों की लत और दवा की दुकानों पर उनकी अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने वाले झोटा को मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। आरोप है कि झोटा और उनके साथियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीले पदार्थ बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सवाल-जवाब किए थे, जिसके बाद कुमार ने उन पर गोली चला दी। पुलिस ने बताया कि अश्वनी कुमार को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस घटना के बाद मानसा शहर में तनाव फैल गया था। झोटा के समर्थकों ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की थी और उनके परिवार ने भी विरोध में शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को कुमार के उस सहयोगी को गिरफ्तार किया था, जिसने उसे भगाने में मदद की थी।
विपक्षी नेताओं ने हत्या की इस घटना की निंदा की और राज्य में कानून-व्यवस्था ‘‘चरमराने’’ तथा ‘‘जंगलराज’’ होने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार की आलोचना की। इस बीच कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष परगट सिंह ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी परविंदर सिंह के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। सिंह ने यहां प्रदर्शनकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार राज्य की युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है।
उन्होंने कहा, “नशे की तस्करी रोकना, इस कारोबार में शामिल नेटवर्क की पहचान करना और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।”
उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।

