अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम से किसने अभद्रता की, किसने पहले हाथ उठाया और कार्रवाई के दौरान वास्तव में क्या हुआ? अब ऐसे विवादों में आरोप-प्रत्यारोप के बीच घटनाक्रम की पड़ताल के लिए रिकॉर्डिंग मददगार बनेगी। अलीगढ़ नगर निगम ने पहली बार अपने प्रवर्तन दल को बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बुधवार को प्रवर्तन दल के सभी 28 जवानों को खुद कैमरे पहनाए। अब अतिक्रमण हटाने और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई के दौरान जवानों के सामने होने वाली गतिविधियां ऑडियो-वीडियो में रिकॉर्ड की जा सकेंगी।
नगर निगम की इस पहल का मकसद कार्रवाई के दौरान होने वाले विवादों पर अंकुश लगाना और शिकायतों की जांच के लिए घटनाक्रम का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है। कैमरों में दर्ज आवाज और फुटेज से यह समझने में मदद मिलेगी कि मौके पर क्या हुआ, किसने क्या कहा और विवाद की शुरुआत कैसे हुई। इससे न केवल प्रवर्तन दल पर लगने वाले आरोपों की जांच में मदद मिलेगी, बल्कि जवानों के व्यवहार और कार्रवाई की प्रक्रिया की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
कभी टीम पर आरोप, कभी अतिक्रमणकारियों पर सवाल
शहर में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रवर्तन दल और संबंधित लोगों के बीच कहासुनी की घटनाएं सामने आती रही हैं। कभी टीम पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और मारपीट करने के आरोप लगते हैं तो कभी जवानों की ओर से अतिक्रमणकारियों के अभद्र व्यवहार की शिकायत की जाती है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाना चुनौती बन जाता है। कई बार ऐसे विवाद तनावपूर्ण स्थिति भी पैदा कर देते हैं।
इसी समस्या का तकनीकी समाधान निकालते हुए नगर निगम ने प्रवर्तन दल के सभी 28 जवानों को बॉडी कैमरे दिए हैं। अब कार्रवाई के दौरान होने वाली गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी। किसी शिकायत या विवाद की स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्डिंग के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा सकेगी। इससे मनमानी कार्रवाई और अनावश्यक विवादों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
72 घंटे तक रिकॉर्डिंग, एचडी क्वालिटी में फुटेज
नगर निगम के अनुसार, जवानों की वर्दी पर सीने के पास लगाए गए बॉडी कैमरों में 72 घंटे तक की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की सुविधा है। कैमरे एचडी क्वालिटी में फुटेज रिकॉर्ड करेंगे और मौके पर होने वाली बातचीत की आवाज भी दर्ज होगी। इससे कार्रवाई के दौरान संबंधित लोगों के व्यवहार, बातचीत और घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी।
नगर आयुक्त ने प्रवर्तन दल के जवानों को नियमानुसार कार्रवाई करने और आम नागरिकों के साथ शालीनता, संयम व पारदर्शिता से पेश आने के निर्देश दिए हैं। रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल शिकायतों की जांच में किस तरह किया जाएगा, यह व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। “नगर निगम का उद्देश्य अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है। प्रवर्तन दल की कार्रवाई के दौरान कभी-कभी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन जाती है। बॉडी कैमरों से ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होगी, जिससे किसी शिकायत की स्थिति में वास्तविक घटनाक्रम का वस्तुनिष्ठ आकलन करने में मदद मिलेगी। सभी 28 जवानों को कैमरों से लैस किया गया है। जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों के अनुसार कार्रवाई करें और आम नागरिकों के साथ शालीनता व संयम से व्यवहार करें।-नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा

