Maharashtra की 305 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की मदद

Maharashtra की 305 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की मदद

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि सूखा प्रभावित तहसीलों में 40 और नाम शामिल किए जाने के बाद राज्य की 85 प्रतिशत से अधिक तहसील अब सूखाग्रस्त घोषित हो चुकी हैं और इनकी संख्या बढ़कर 305 हो गई है। फडणवीस ने यह भी कहा कि शुरुआती वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में पांच-पांच हजार रुपये जमा किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के खातों में पांच-पांच हजार रुपये जमा करने का फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि प्रशासनिक और केंद्रीय मूल्यांकन की पूरी प्रक्रियाओं में समय लगता है और वे कानूनी तौर पर दिवाली से पहले पूरी नहीं हो सकतीं।

फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘शुरुआत में 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। शिकायतों पर गौर किए जाने के बाद, 40 अतिरिक्त तहसीलों को जोड़ा गया, जिससे कुल संख्या 305 पहुंच गई। अब इन तहसीलों पर भी राज्य सरकार की ओर से सूखे से राहत के सभी 12 मानक लाभ लागू होंगे।’’
राज्य सरकार ने बारिश की कमी के बाद पिछले माह 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया था और फसल ऋण, भू-राजस्व में रियायतें तथा बिजली बिल सब्सिडी सहित विभिन्न राहत उपायों की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखाग्रस्त सूची में 40 और तहसीलों को जोड़ने के लिए एक पूरक सरकारी आदेश जारी किया गया है। राज्य में कुल मिलाकर 358 तहसील हैं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर सूखे की घोषणा नवंबर के अंत तक की जाती है और दिसंबर तक सहायता दी जाती है।

हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस बार अक्टूबर में ही सूखे की अधिसूचना जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अतिरिक्त 3.5 लाख किसानों की एक प्रामाणिक सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि 1992 के संकल्प की पुरानी शर्तों को हटा दिया गया है, जो किसानों के बच्चों की शैक्षणिक शुल्क माफी को सीमित करती थीं।

अब प्रभावित क्षेत्रों में शुल्क छूट सभी पर लागू होगी। फडणवीस ने कहा कि जिला केंद्रीय सहकारी (डीसीसी) बैंक और क्रेडिट सोसाइटी को किसानों से जबरन ऋण वसूली, उत्पीड़न या अत्यधिक दबाव बनाने के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की गई है। निजी बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिए भी यही व्यवस्था लागू करने के प्रयास जारी हैं।

बकाया बिजली बिलों के लिए किसी भी तरह की जबरन वसूली या दबाव की अनुमति नहीं है, और राज्य की नीति के तहत 7.5 ‘हॉर्सपावर’ तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में निगरानी वाले कुओं में भूजल स्तर तीन मीटर से नीचे चला गया है, जिसके लिए अक्टूबर-नवंबर में ही पानी के टैंकर तैनात करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्थित रखने के लिए लगभग 16,000 अवैध जल कनेक्शन काट दिए गए हैं और भू-जल दोहन को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाई जा रही है।

फडणवीस ने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल ने निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया। मोदी सात अक्टूबर 2001 से लगातार सरकार प्रमुख के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने पहले तीन कार्यकाल के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शासन की बागडोर संभाली और उसके बाद तीन लोकसभा चुनाव जीतकर देश के प्रधानमंत्री का पद संभाल रहे हैं।

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