सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बुधवार दोपहर एक बजे बीएसए ग्राउंड में 400 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही मौजूद रहे। सांसद जगदंबिका पाल ने समारोह का समापन किया। अमित बोले- घर से शादी करते तो 4 से 5 लाख खर्च होते टकरही गांव के अमित कुमार ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। ऐसे में घर से शादी का खर्च जुटाना मुश्किल था। चाचा से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सामूहिक विवाह में शादी करने का फैसला किया। अमित के मुताबिक, घर से शादी करने पर करीब 4 से 5 लाख रुपए खर्च होते। सामूहिक विवाह में कम खर्च में शादी संपन्न होने से उन्हें राहत मिली। अनवर बोले- गरीब परिवारों के लिए अच्छी योजना समारोह में शामिल नवविवाहित अनवर अली ने भी योजना की तारीफ की। मुंबई निवासी अनवर ने कहा कि शादी में काफी पैसा खर्च होता है। आर्थिक रूप से मजबूत परिवार अपनी हैसियत के अनुसार खर्च कर लेते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह आसान नहीं होता। अनवर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से चलाई जा रही योजना उन्हें अच्छी लगी। यहां उन्हें किसी तरह का भेदभाव महसूस नहीं हुआ। सभी के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी और इंतजाम भी अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की मदद के लिए इस तरह की योजनाएं उपयोगी हैं। सकीना बोलीं- पैसे और मेहनत दोनों की बचत सामूहिक विवाह में शामिल सकीना ने बताया कि इस तरह विवाह होने से उन्हें अच्छा लग रहा है। इससे पैसे और मेहनत, दोनों की बचत हो रही है। गांव के लोगों से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसमें शामिल होने का फैसला किया। वहीं, नवविवाहित साकिर ने बताया कि घर से शादी करने पर करीब 5 से 6 लाख रुपए खर्च हो जाते। सामूहिक विवाह समारोह में उन्हें शादी के लिए जरूरी सुविधाएं और आर्थिक सहायता मिल रही है। फॉर्म भरने के बाद योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे यहां पहुंचे। जिले में पहले भी हो चुके हैं 1,250 से अधिक विवाह उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सिद्धार्थनगर में वर्ष 2026 के दौरान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कई आयोजन हो चुके हैं। 14 फरवरी को जिले में 358 जोड़ों का विवाह हुआ था। इसके बाद 22 फरवरी को बांसी स्थित रतन सेन डिग्री कॉलेज में आयोजित समारोह में 321 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। इनमें 229 हिंदू, 65 बौद्ध और 27 मुस्लिम जोड़े शामिल थे। मार्च में भी सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। उस समय जिले में विवाह का लक्ष्य बढ़ाकर 950 जोड़े किया गया था। 8 मार्च तक 793 जोड़ों का विवाह संपन्न हो चुका था। इसके बाद बीएसए ग्राउंड में आयोजित समारोह में 331 जोड़ों की शादी हुई। जुलाई में भी जिला मुख्यालय पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। फरवरी से जुलाई 2026 के बीच जिले में 1,250 से अधिक जोड़ों के विवाह होने की जानकारी दी गई थी। बुधवार, 14 अक्टूबर को आयोजित समारोह में 400 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया। हालांकि, इस कार्यक्रम में वास्तव में कितने जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ और हिंदू, मुस्लिम व बौद्ध समुदाय से कितने जोड़े शामिल हुए, इसका अलग-अलग आंकड़ा स्पष्ट नहीं हो सका है। आर्थिक सहायता के साथ गृहस्थी का सामान भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च में सहायता देना है। योजना के तहत पात्र जोड़ों का विवाह उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कराया जाता है। इसके साथ नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता और गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इसमें कपड़े, स्टील के बर्तन, प्रेशर कुकर, ट्रॉली बैग और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं शामिल हो सकती हैं। सहायता राशि और सामग्री का वितरण योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है।

