पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मौर्या लोक से लेन-देन के विवाद में कौशलेन्द्र नाम के एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया गया। वह भूपतिनगर का रहने वाला है। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद तकनीकी जानकारी के आधार पर पटना पुलिस की विशेष टीम ने उसे भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के आसपास से बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, कौशलेन्द्र की पत्नी ने दो दिन पहले कोतवाली थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई की। इस अभियान में पटना पुलिस की एसआईयू (SIU) और डीआईयू (DIU) की टीमें शामिल थीं। जमीन के लेन-देन को लेकर विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में मामला जमीन और प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़ा सामने आया है। कौशलेन्द्र का कहना है कि विवाद करीब पौने दो करोड़ रुपये का है। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये के विवाद की बात कही जा रही है। इस तरह लेन-देन की रकम को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। सात आरोपियों से पूछताछ जारी कौशलेन्द्र की बरामदगी के बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अपहरण की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और जमीन के कारोबार से जुड़े विवाद की वास्तविक वजह क्या है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मौर्या लोक से लेन-देन के विवाद में कौशलेन्द्र नाम के एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया गया। वह भूपतिनगर का रहने वाला है। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद तकनीकी जानकारी के आधार पर पटना पुलिस की विशेष टीम ने उसे भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के आसपास से बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, कौशलेन्द्र की पत्नी ने दो दिन पहले कोतवाली थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई की। इस अभियान में पटना पुलिस की एसआईयू (SIU) और डीआईयू (DIU) की टीमें शामिल थीं। जमीन के लेन-देन को लेकर विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में मामला जमीन और प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़ा सामने आया है। कौशलेन्द्र का कहना है कि विवाद करीब पौने दो करोड़ रुपये का है। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये के विवाद की बात कही जा रही है। इस तरह लेन-देन की रकम को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। सात आरोपियों से पूछताछ जारी कौशलेन्द्र की बरामदगी के बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अपहरण की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और जमीन के कारोबार से जुड़े विवाद की वास्तविक वजह क्या है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

