जयपुर जिले के जोबनेर इलाके में पत्थर की खान ढहने से एक युवक सच्चेलाल (19) की मौत हो गई,जबकि मनीश चालक दुर्गेश जायसवाल घायल हो गया। घटना महेशवास गांव में पहाड़ी एरिया की है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पत्थरों में दबे सच्चेलाल यादव को निकलने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह सच्चेलाल यादव का शव बाहर निकाला जा सका। जबकि मशीन चालक दुर्गेश को मंगलवार शाम को ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, सुबह मिला शव जोबनेर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया- हादसा मंगलवार शाम महेशवास गांव में बंधे के बालाजी के पास स्थित खदान में हुआ। पत्थरों के नीचे मजदूर के दबे होने की सूचना पर जोबनेर थाना पुलिस और सांभर लेक एसडीएम ऋषिराज कपिल मौके पर पहुंचे। सच्चेलाल यादव की तलाश के लिए सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। जेसीबी और पॉकलेन मशीनों की सहायता से खान से मलबा हटाया गया। रातभर चले अभियान के बाद बुधवार सुबह सच्चेलाल का शव बरामद हुआ। जान बचाने के लिए पॉकलेन से कूदा हेल्पर जानकारी के अनुसार खान में पत्थरों का खनन किया जा रहा था। इसी दौरान पहाड़ी की ऊंचाई से पत्थरों का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। पत्थर गिरने से पॉकलेन मशीन खिसककर दूर चली गई। मशीन चालक दुर्गेश जायसवाल केबिन में बैठा था, जबकि हेल्पर सच्चेलाल यादव जान बचाने के लिए मशीन से कूद गया था। इस दौरान वह पत्थरों के मलबे में दब गया। हादसे में दुर्गेश को मामूली चोटें आईं, जिसके बाद उसका उपचार करवाया गया। उसे मंगलवार रात ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। ग्रामीणों ने खनन सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल हादसे के बाद ग्रामीणों ने खनन काम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन ठेकेदार ने घटना को दबाने का प्रयास किया और हादसे के बाद करीब तीन घंटे तक पुलिस और प्रशासन को सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों ने खान में सुरक्षा इंतजामों की जांच कराने की मांग की है। पोस्टमॉर्टम के लिए जोबनेर अस्पताल में रखवाया शव पुलिस ने मृतक सच्चेलाल यादव के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जोबनेर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया कि परिजनों के आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

