मशाल-2026 प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के पंजीयन में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 149 विद्यालयों ने अब तक मशाल पोर्टल पर लॉगिन तक नहीं किया है। इसे सरकारी कार्यों के प्रति घोर शिथिलता मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार गोंड ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। सभी को 16 अक्टूबर की शाम 4:30 बजे डीईओ कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। डीईओ ने जारी आदेश में कहा कि पूर्व में स्पष्ट निर्देश के बावजूद पोर्टल पर पंजीयन की गति बेहद धीमी है। 149 स्कूलों द्वारा लॉगिन तक न करना मनमानेपन और स्वेच्छाचारिता का प्रमाण है। चिह्नित स्कूलों में अलौली के 38, चौथम के 16, गोगरी के 36, खगड़िया के 22, मानसी के 4 और परबत्ता के 33 विद्यालय शामिल हैं। सबसे अधिक 38 स्कूल अलौली प्रखंड के हैं।
मशाल-2026 राज्य में विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने का विशेष कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य बच्चों में खेल के प्रति रुचि जगाना, उनका कौशल तराशना और उन्हें आगे की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। अधिकारियों के मुताबिक, पंजीयन समय पर होना जरूरी है ताकि कोई भी मेधावी छात्र इस अवसर से वंचित न रह जाए। निर्देशों को सख्ती से पालन करने का आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी विद्यालय प्रधानों को 20 अक्टूबर तक निर्धारित संख्या में छात्र-छात्राओं का पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा करने का टास्क दिया है। जिन 149 स्कूलों ने अब तक लॉगिन नहीं किया है, उन्हें भी तय समय-सीमा में अधिक से अधिक बच्चों का निबंधन कराने की हिदायत दी गई है। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को पत्र भेजकर निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है। मशाल-2026 प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के पंजीयन में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 149 विद्यालयों ने अब तक मशाल पोर्टल पर लॉगिन तक नहीं किया है। इसे सरकारी कार्यों के प्रति घोर शिथिलता मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार गोंड ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। सभी को 16 अक्टूबर की शाम 4:30 बजे डीईओ कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। डीईओ ने जारी आदेश में कहा कि पूर्व में स्पष्ट निर्देश के बावजूद पोर्टल पर पंजीयन की गति बेहद धीमी है। 149 स्कूलों द्वारा लॉगिन तक न करना मनमानेपन और स्वेच्छाचारिता का प्रमाण है। चिह्नित स्कूलों में अलौली के 38, चौथम के 16, गोगरी के 36, खगड़िया के 22, मानसी के 4 और परबत्ता के 33 विद्यालय शामिल हैं। सबसे अधिक 38 स्कूल अलौली प्रखंड के हैं।
मशाल-2026 राज्य में विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने का विशेष कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य बच्चों में खेल के प्रति रुचि जगाना, उनका कौशल तराशना और उन्हें आगे की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। अधिकारियों के मुताबिक, पंजीयन समय पर होना जरूरी है ताकि कोई भी मेधावी छात्र इस अवसर से वंचित न रह जाए। निर्देशों को सख्ती से पालन करने का आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी विद्यालय प्रधानों को 20 अक्टूबर तक निर्धारित संख्या में छात्र-छात्राओं का पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा करने का टास्क दिया है। जिन 149 स्कूलों ने अब तक लॉगिन नहीं किया है, उन्हें भी तय समय-सीमा में अधिक से अधिक बच्चों का निबंधन कराने की हिदायत दी गई है। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को पत्र भेजकर निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है।

