दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और संभावित आपात स्थितियों को देखते हुए सभी अनुमंडलीय अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सा सेवा बहाल रखने का निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. अरूण कुमार ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारियों को डॉक्टरों, पारा मेडिकल कर्मियों की उपस्थिति और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। दुर्गा पूजा का आयोजन 11 से 20 अक्टूबर तक होगा। इस दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या आपात स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को तैयार रहना होगा। 17 अक्टूबर से सभी स्वास्थ्य इकाइयों में आपातकालीन सेवा सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. अरूण कुमार ने निर्देश दिया है कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का रोस्टर और मोबाइल नंबर 15 अक्टूबर तक संबंधित अस्पतालों के कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया है। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और संभावित आपात स्थितियों को देखते हुए सभी अनुमंडलीय अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सा सेवा बहाल रखने का निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. अरूण कुमार ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारियों को डॉक्टरों, पारा मेडिकल कर्मियों की उपस्थिति और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। दुर्गा पूजा का आयोजन 11 से 20 अक्टूबर तक होगा। इस दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या आपात स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को तैयार रहना होगा। 17 अक्टूबर से सभी स्वास्थ्य इकाइयों में आपातकालीन सेवा सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. अरूण कुमार ने निर्देश दिया है कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का रोस्टर और मोबाइल नंबर 15 अक्टूबर तक संबंधित अस्पतालों के कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया है।

