अयोध्या में रामलला के वस्त्र अब स्थानीय स्तर पर सिलवाए जाएंगे। इसके लिए सूरत से मखमल, रेशम समेत अन्य कपड़ों की खेप मंगाई जा रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के बाद कपड़ों का ऑर्डर दिया जा चुका है। खेप पहुंचने के बाद अयोध्या में ही सातों दिन के लिए सात अलग-अलग रंगों के वस्त्र तैयार किए जाएंगे। वस्त्रों की सिलाई के लिए पहाड़ी टेलर्स से बातचीत भी पूरी हो चुकी है। वे पहले भी रामलला के वस्त्र सिलते रहे हैं। नई व्यवस्था को इसी नवरात्र के अंत तक शुरू करने की तैयारी है, हालांकि अभी तारीख तय नहीं हुई है। 2 तस्वीरें देखिए… दिल्ली से आ रहे थे डिजाइनर वस्त्र रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रसिद्ध डिजाइनर मनीष के डिजाइन किए वस्त्र दिल्ली में तैयार होकर रोज अयोध्या पहुंचते थे। हालांकि, ट्रस्ट ने अज्ञात कारणों से यह व्यवस्था बंद करा दी थी। इसके बाद से नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा था। काफी विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों और राम मंदिर की धार्मिक समिति ने अयोध्या में ही वस्त्र सिलवाने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य रामलला की सेवा में किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश खत्म करना बताया जा रहा है। सप्ताह के सातों दिन अलग रंग के वस्त्र रामलला को सप्ताह के हर दिन अलग रंग के वस्त्र पहनाए जाते हैं। रामलला प्रतिदिन नई धोती और दो पटके धारण करते हैं। इनमें एक छोटा और दूसरा बड़ा पटका होता है। इन पर गुलाबी रंग की छपाई की जाती है। ये वस्त्र भारतीय परंपरा और पारंपरिक परिधान शैली के अनुरूप तैयार किए जाते हैं।

