साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को सत्र 2025-26 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ (आक्टा ) के तत्वावधान में आयोजित समारोह में कैसरगंज के पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय देखने को मिला, जब बृजभूषण शरण सिंह ने मंच पर अपने गुरु प्रो. सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी के चरणों में बैठकर उनका आशीर्वाद लिया। गुरु के प्रति उनकी श्रद्धा का यह दृश्य उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय रहा।
महाविद्यालय से जुड़ी यादें कीं साझा
बृजभूषण शरण सिंह का साकेत महाविद्यालय से पुराना नाता रहा है। वह इसी महाविद्यालय के छात्र रहे हैं और यहीं से उनके छात्र राजनीति के सफर की शुरुआत हुई थी। समारोह के दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन से जुड़ी यादों को भी ताजा किया। महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने पुराने दिनों की स्मृतियों को फिर से जीवंत कर दिया।
शिक्षकों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों की वर्षों की शैक्षणिक सेवाओं को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और समाज को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए उपयोगी बना रहता है। इस अवसर पर सत्र 2025-26 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को उनकी दीर्घकालीन सेवाओं के लिए सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई।
बदलती सामाजिक परिस्थितियों पर जताई चिंता
अपने संबोधन में बृजभूषण शरण सिंह ने विद्यार्थियों के बीच ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर निकाले गए मार्च को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बदलती सामाजिक परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि दूसरों को दोष देने के बजाय प्रत्येक व्यक्ति को आत्ममंथन करना चाहिए और समाज में अपनी भूमिका को समझना चाहिए।
शिक्षाविदों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
समारोह में नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी, ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. जनमेजय कुमार तिवारी, महामंत्री प्रो. अमूल्य कुमार सिंह, साकेत महाविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. आशीष प्रताप सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. संतलाल, डॉ. रमेश प्रताप सिंह, प्रो. कुमुद रंजन, प्रो. मनीष सिंह, प्रो. अंजनी कुमार सिंह, प्रो. मंजूषा मिश्रा, प्रो. कविता सिंह, प्रो. वंदना जायसवाल, प्रो. ऋचा पाठक, प्रो. मनोज मिश्रा और प्रो. शक्ति सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षाविद मौजूद रहे। महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाओं को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा जगत में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित किया।

