सीकर में आज भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों की प्रमुख समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की मांग की। किसानों ने कहा है कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। ज्ञापन के जरिए किसानों ने प्रमुख रूप से बाजरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद का मुद्दा उठाया है। वक्ताओं ने कहा- सरकार ने बाजरा का MSP 2900 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। लेकिन मंडियों में किसानों को इसके भाव मात्र 1900 से 2000 रुपए ही मिल रहे हैं। 900 रुपए तक का नुकसान हो रहा इससे किसानों को प्रति क्विंटल 900 रुपए तक का सीधा नुकसान हो रहा है। किसानों ने मांग कि बाजरे के लिए सरकारी खरीद केंद्र शुरू किए जाएं या फिर हरियाणा की तरह किसानों को MSP खरीद का बाकी पैसा दिया जाए। कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो किसानों का कहना है कि पशु आहार के दाम बढ़ गए हैं। पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। इसलिए सरस डेयरी में दूध का खरीद मूल्य बढ़ाया जाए, सरकारी बोनस में बढ़ोतरी की जाए और किसानों को भुगतान समय पर किया जाए। किसानों ने बताया कि अभी फसल की बुवाई चल रही है, लेकिन यूरिया और डीएपी खाद नहीं मिल रही है, जिससे बाजार में कालाबाजारी बढ़ गई है। संघ ने मांग की है कि खाद की पर्याप्त सप्लाई हो, वितरण पर प्रशासनिक मॉनिटरिंग हो और कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। किसानों ने भूमि अधिग्रहण के मामलों में कहा कि हाईवे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए डीएलसी रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है, जो मौजूदा बाजार भाव से काफी कम है। किसानों ने मांग की है कि मुआवजा बाजार भाव का 4 गुना दिया जाए। ताकि किसानों का शोषण नहीं हो।

