भागलपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र के गोपालपुर ओवरब्रिज के पास हुई। यहां मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की सूचना मिली थी। पुलिस को देखकर एक युवक स्कूटी से भागने लगा, जिसे पीछा कर पकड़ा गया। उसके पास से 10.30 ग्राम स्मैक मिली। दूसरी कार्रवाई फतेहपुर स्थित ईदगाह के पीछे आम के बगीचे में की गई। यहां से भी एक युवक को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब दो किलोग्राम गांजा, 14 हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और पैन कार्ड बरामद हुए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके मादक पदार्थ नेटवर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी स्मैक और गांजा कहां से लाते थे और किसे बेचते थे। फतेहपुर के आम के बगीचे में पुलिस की छापेमारी नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ दूसरी कार्रवाई में फतेहपुर स्थित ईदगाह के पीछे बने एक आम के बगीचे में छापेमारी की गई। सिटी डीएसपी हेमंत सिंह के अनुसार, पुलिस को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सुमित कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया। वह अभीपुर, परबत्ता का निवासी बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब दो किलोग्राम गांजा और 14 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और पैन कार्ड भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत और उसकी आपूर्ति से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी खुद मादक पदार्थों की बिक्री करता था या किसी बड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहा था। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ के तहत तेज हुई कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ नाम से विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और अवैध शराब तथा मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है। इस अभियान के तहत पुलिस उन स्थानों को चिह्नित कर रही है, जहां मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की आशंका है। ऐसे हॉटस्पॉट पर निगरानी रखने के साथ ही गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उन्हें मादक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले लोगों और खरीदारों तक पहुंचना भी जरूरी है। आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच सिटी डीएसपी हेमंत सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले में अवैध मादक पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना पुलिस की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसका किसी संगठित गिरोह से संबंध है या नहीं। मामले में पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल दोनों कार्रवाइयों के बाद जांच का केंद्र यह है कि बरामद स्मैक और गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और संबंधित मामलों की जांच में जुटी है। अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भागलपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र के गोपालपुर ओवरब्रिज के पास हुई। यहां मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की सूचना मिली थी। पुलिस को देखकर एक युवक स्कूटी से भागने लगा, जिसे पीछा कर पकड़ा गया। उसके पास से 10.30 ग्राम स्मैक मिली। दूसरी कार्रवाई फतेहपुर स्थित ईदगाह के पीछे आम के बगीचे में की गई। यहां से भी एक युवक को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब दो किलोग्राम गांजा, 14 हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और पैन कार्ड बरामद हुए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके मादक पदार्थ नेटवर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी स्मैक और गांजा कहां से लाते थे और किसे बेचते थे। फतेहपुर के आम के बगीचे में पुलिस की छापेमारी नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ दूसरी कार्रवाई में फतेहपुर स्थित ईदगाह के पीछे बने एक आम के बगीचे में छापेमारी की गई। सिटी डीएसपी हेमंत सिंह के अनुसार, पुलिस को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सुमित कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया। वह अभीपुर, परबत्ता का निवासी बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब दो किलोग्राम गांजा और 14 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और पैन कार्ड भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत और उसकी आपूर्ति से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी खुद मादक पदार्थों की बिक्री करता था या किसी बड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहा था। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ के तहत तेज हुई कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ नाम से विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और अवैध शराब तथा मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है। इस अभियान के तहत पुलिस उन स्थानों को चिह्नित कर रही है, जहां मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की आशंका है। ऐसे हॉटस्पॉट पर निगरानी रखने के साथ ही गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उन्हें मादक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले लोगों और खरीदारों तक पहुंचना भी जरूरी है। आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच सिटी डीएसपी हेमंत सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले में अवैध मादक पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना पुलिस की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसका किसी संगठित गिरोह से संबंध है या नहीं। मामले में पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल दोनों कार्रवाइयों के बाद जांच का केंद्र यह है कि बरामद स्मैक और गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और संबंधित मामलों की जांच में जुटी है। अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

