उन्नाव: आवास आवंटन के लिए ऑनलाइन 5 हजार का भुगतान, 20 हजार की मांग पूरी न होने पर किया निरस्त, शिकायत

उन्नाव: आवास आवंटन के लिए ऑनलाइन 5 हजार का भुगतान, 20 हजार की मांग पूरी न होने पर किया निरस्त, शिकायत

Corruption in Allotment of Pradhanmantri Aawas: उन्नाव में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। नर सेवा नारायण सेवा के बैनर तले पीड़िता ने नगर मजिस्ट्रेट जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र नगर मजिस्ट्रेट को दिया है। जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाया है। अपने शिकायती पत्र में पीड़िता ने बताया कि पहले 5 हजार रुपए दिए गए। आवंटन के बाद 20 हजार रुपए की मांग हो रही थी। नहीं देने पर आवंटन निरस्त कर दिया गया। दिव्यांग वृद्ध पीड़िता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की। नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। नगर मजिस्ट्रेट ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। मामला हसनगंज तहसील के मियागंज विकासखंड का है।

जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र, फोटो सोर्स- नर सेवा नारायण सेवा
जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र

आवास आवंटन में भ्रष्टाचार

उत्तर प्रदेश के उन्नाव‌ के मियागंज विकास खंड के ग्राम पंचायत सिर्स कन्हर सिर्स चेरी में दिव्यांग, विधवा, वृद्धा चन्द्रकली पत्नी स्वर्गीय रामपाल ने आवास आवंटन में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ‌पीड़िता ने जिलाधिकारी को संबोधित प्रार्थना पत्र नगर मजिस्ट्रेट को दिया है। जिसमें निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि आवास का प्रस्ताव व फॉर्म भरने के नाम पर पहले 5 हजार रुपए ऑनलाइन लिए गए। बाद में पात्र घोषित होने और आवास आवंटन होने के बाद 20 हजार रुपये की मांग की जा रही है। पैसे न देने पर अपात्र घोषित कर लाभ से वंचित कर दिया जाता है।

ऑनलाइन दिया गया पेमेंट

पीड़िता चन्द्रकली पत्नी स्वर्गीय रामपाल, ने आरोप लगाया है कि प्रधान और सचिव के कहने पर ग्राम पंचायत कर्मचारी संजय पुत्र राम कुमार निवासी सिर्स चेरी को उनके पुत्र रामनाथ ने पांच हजार रुपए दिए। यह रकम लड़के के माध्यम से ऑनलाइन दिया गया। जो आवास प्रस्ताव व नाम भरने के लिए भेजे गए। आवास लिस्ट में नाम आने के बाद 20 हजार रुपए की और मांग की गई। बताया गया जांच की जाएगी। ‌

20 हजार रुपए न देने पर आवंटन निरस्त

चंद्रकाली ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र में बताया कि 20 हजार रुपए न देने के कारण जांच में अपात्र घोषित कर दिया गया और उन्हें आवास लाभ से वंचित कर दिया गया। पीड़िता ने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और मुख्य विकास अधिकारी से निष्पक्ष जांच कर आवास दिलाने की अपील की थी। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी की गई जिसका जवाब खंड विकास अधिकारी मियागंज ने दिया है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *