प्राकृतिक खेती में बांका जिले के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कटोरिया प्रखंड के लीलावरण गांव में हो रहे कामों की जानकारी दी।
अग्रवाल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को जागरूक करने और केंद्र-राज्य की कृषि योजनाओं को जोड़ने के प्रयासों पर बात की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बांका के कामों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दूसरे जिलों को भी बांका से सीख लेनी चाहिए। अलग-अलग फसलें उगाने पर दिया जोर लीलावरण गांव में किसानों को वैज्ञानिक सलाह, मिट्टी की सेहत और अलग-अलग फसलें उगाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद खेती का खर्च कम करना, प्राकृतिक चीजों को बचाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
यह उपलब्धि जिला प्रशासन, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और किसानों के मिलकर किए गए प्रयासों का नतीजा है। प्राकृतिक खेती में बांका जिले के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कटोरिया प्रखंड के लीलावरण गांव में हो रहे कामों की जानकारी दी।
अग्रवाल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को जागरूक करने और केंद्र-राज्य की कृषि योजनाओं को जोड़ने के प्रयासों पर बात की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बांका के कामों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दूसरे जिलों को भी बांका से सीख लेनी चाहिए। अलग-अलग फसलें उगाने पर दिया जोर लीलावरण गांव में किसानों को वैज्ञानिक सलाह, मिट्टी की सेहत और अलग-अलग फसलें उगाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद खेती का खर्च कम करना, प्राकृतिक चीजों को बचाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
यह उपलब्धि जिला प्रशासन, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और किसानों के मिलकर किए गए प्रयासों का नतीजा है।

