गाजीपुर के मुगलानीचक निवासी डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह को दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। यह सूची एल्सेवियर और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से संबद्ध शोधकर्ताओं ने अक्टूबर 2026 में जारी की है। डॉ. सिंह अभी चीन की हुबेई यूनिवर्सिटी ऑफ ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में सहायक प्रोफेसर हैं। उनकी इस उपलब्धि से गाजीपुर स्थित परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता श्रीपत यादव दूरसंचार विभाग से सेवानिवृत्त हैं और मां प्रभावती देवी गृहिणी हैं। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय गाजीपुर से पढ़ाई शुरू की। इसके बाद सीईटी, यूपीटीयू लखनऊ से बीटेक, मैनिट भोपाल से एमटेक और एनआईटी मिजोरम से पीएचडी पूरी की। उनकी विशेषज्ञता मैटेरियल्स साइंस और ऑटोमोटिव क्षेत्र में उपयोग होने वाली उन्नत सामग्रियों के शोध से जुड़ी है। पीएचडी के बाद उन्होंने चीन की शेडोंग यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टोरल फेलो के रूप में शोध किया। अब वह हुबेई यूनिवर्सिटी में अध्यापन के साथ ऑटोमोबाइल क्षेत्र की उन्नत सामग्रियों पर शोध कर रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय गाजीपुर से शुरुआती शिक्षा हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध और अध्यापन के क्षेत्र में पहचान बनाने तक डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह की यात्रा जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धि ने परिवार के साथ गृह जिले में भी गौरव का भाव पैदा किया है।

