सरकारी-स्कूल में सपनों को पंख दे रही प्रिंसिपल पुष्पा यादव:रजपुरा प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल ने निजी प्रयासों से बदली स्कूल की तस्वीर

सरकारी-स्कूल में सपनों को पंख दे रही प्रिंसिपल पुष्पा यादव:रजपुरा प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल ने निजी प्रयासों से बदली स्कूल की तस्वीर

सरकारी स्कूल में भी बच्चों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले तो वे किसी से पीछे नहीं रहेंगे। इसी सोच के साथ रजपुरा प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल पुष्पा यादव स्कूल की तस्वीर बदलने में जुटी हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मिली सुविधाओं का उपयोग करने के साथ उन्होंने निजी प्रयासों से भी स्कूल को बेहतर बनाया है। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ अंग्रेजी वार्तालाप, खेल, योग, कला और संगीत जैसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। पुस्तकालय, साफ-सफाई और अभिभावक-शिक्षक बैठकों के जरिए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में विद्यालय में करीब 150 बच्चे पढ़ रहे हैं। गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का संकल्प पुष्पा यादव का कहना है कि गांव के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने स्कूल में पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मिली सुविधाओं का सही इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही उन्होंने अपने निजी संसाधनों से भी स्कूल को संवारने में योगदान दिया। विद्यालय में साफ-सफाई, बेहतर फर्नीचर और बच्चों के पढ़ने के लिए अच्छा माहौल तैयार करने पर जोर दिया गया। उनका प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी वे सुविधाएं मिलें, जिनके लिए कई अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं। वह चाहती हैं कि सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और अभिभावकों का भरोसा बढ़े। अंग्रेजी में बातचीत से बढ़ रहा बच्चों का आत्मविश्वास स्कूल में बच्चों को अंग्रेजी में बातचीत करना सिखाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना है, ताकि वे बिना झिझक अपनी बात कह सकें। यहां गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने का प्रयास किया जाता है। बच्चों को कला, संगीत और पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में भी भाग लेने का मौका मिलता है। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग आयोजन किए जाते हैं। इन गतिविधियों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पढ़ाई के साथ खेल और योग पर भी ध्यान पुष्पा यादव का मानना है कि बच्चों के विकास के लिए केवल पढ़ाई ही काफी नहीं है। उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसी सोच के साथ विद्यालय में इंडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खेलों से बच्चों में अनुशासन, मिल-जुलकर काम करने और टीम भावना जैसी आदतें विकसित होती हैं। इसके साथ ही प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को योगाभ्यास भी कराया जाता है। इससे उन्हें एकाग्रता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में बताया जाता है। कला और संगीत जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मक क्षमता को भी बढ़ावा दिया जाता है। इस तरह विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चों के दूसरे कौशल को निखारने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पुस्तकालय में किताबों से बढ़ रहा ज्ञान बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए स्कूल में पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस काम में पुष्पा यादव के परिवार के सदस्य और मित्र भी सहयोग कर रहे हैं। वे अपने स्तर पर बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। पुस्तकालय में रखी पुस्तकों से बच्चों को विज्ञान, इतिहास, भूगोल, विभिन्न धर्मों और महापुरुषों की जीवनियों के बारे में जानने का मौका मिलता है। इससे बच्चों को स्कूल की किताबों के अलावा भी कई विषयों की जानकारी मिलती है। साथ ही उनमें नई चीजें सीखने और सवाल पूछने की रुचि बढ़ती है। पुस्तकालय के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी जानकारी बढ़ाने का अवसर दिया जा रहा है। पीटीएम से अभिभावकों का भरोसा बढ़ाने का प्रयास बच्चों की पढ़ाई में शिक्षकों के साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुष्पा यादव ने स्कूल में नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी पीटीएम की शुरुआत की। इन बैठकों में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और उनकी प्रगति के बारे में जानकारी दी जाती है। साथ ही बच्चों को पढ़ाई में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की जाती है। इससे शिक्षक बच्चों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास कर सकते हैं। नियमित बातचीत से अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने का मौका मिलता है। इससे स्कूल और परिवार के बीच तालमेल बढ़ता है और बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी मजबूत होती है। बाल वाटिका से बच्चों को पर्यावरण की सीख स्कूल में बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए बाल वाटिका बनाई गई है। इसके माध्यम से उन्हें प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का महत्व समझाया जाता है। इसके साथ ही स्कूल में साफ-सफाई, नैतिक शिक्षा और अच्छी आदतों पर भी जोर दिया जाता है। बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। पुष्पा यादव का प्रयास है कि बच्चे पढ़ाई में आगे बढ़ने के साथ अपने आसपास के माहौल को साफ रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने वाले बनें।

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