जहानाबाद के गांधी मैदान में कला, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से मगही महोत्सव का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य मगही भाषा, स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को बढ़ावा देना था। महोत्सव में मगही कलाकारों ने भाषा, लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। उनकी प्रस्तुतियों में बिहार की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों का मन मोह लिया। अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन के जरिए नई पीढ़ी को मगही भाषा और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का मौका मिला। जहानाबाद के गांधी मैदान में कला, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से मगही महोत्सव का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य मगही भाषा, स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को बढ़ावा देना था। महोत्सव में मगही कलाकारों ने भाषा, लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। उनकी प्रस्तुतियों में बिहार की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों का मन मोह लिया। अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन के जरिए नई पीढ़ी को मगही भाषा और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का मौका मिला।

