Post Office SCSS Interest Rate: वित्तीय सलाहकार अक्सर सीनियर सिटीजंस को इक्विटी में अधिक निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। क्योंकि अक्सर बढ़ती उम्र में जोखिम लेने की कैपेसिटी कम हो जाती है। उस समय पैसों की सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न ज्यादा मायने रखता है। रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि रोजमर्रा के खर्चों के लिए रेगुलर इनकम कहां से आएगी। इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करती है पोस्ट ऑफिस की एक स्मॉल सेविंग स्कीम। इसका नाम सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) है। सरकार समर्थित होने के चलते यहां गारंटीड रिटर्न मिल जाता है।
कैसे काम करती है SCSS?
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम अकाउंट में आप अपना रिटायरमेंट फंड का पैसा डाल सकते हैं। इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करना होता है। यह स्कीम हर तीन महीने में निवेशक को ब्याज आय देती है और मैच्योरिटी पर मूलधन वापस कर देती है। यानी आपको नियमित रूप से ब्याज आय मिलती रहती है, जिससे आप रोजमर्रा के खर्चे पूरे कर सकते हैं।
8.2% की मोटी ब्याज दर
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम अपनी ऊंची ब्याज दर के लिए जानी जाती है। यहां इस समय 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम में 1000 रुपये के गुणक में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं। वहीं, निवेश की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये है।
कौन कर सकता है इन्वेस्ट?
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस स्कीम में 60 साल से अधिक उम्र के भारतीय नागरिक इन्वेस्ट कर सकते हैं। डिफेंस सर्विसेस से रिटायर्ड लोग (सिविलियन डिफेंस कर्मचारियों के अलावा) इस स्कीम में 50 की उम्र के बाद खाता खुला सकते हैं। अगर दोनों पति-पत्नी मिलकर भी निवेश कर रहे हैं, तो भी अधिकतम 30 लाख रुपये ही इन्वेस्ट कर सकते हैं। इस स्कीम में किया गया निवेश सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स छूट के योग्य होता है।
मैच्योरिटी को बढ़ा सकते हैं आगे
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल की होती है। इस अवधि को 3-3 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं। संबंधित पोस्ट ऑफिस में आवेदन देकर इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है।
हर तीन महीने में 53,300 रुपये ब्याज आय
मान लीजिए आप दोनों पति-पत्नी वर्किंग रहे हैं और अपने रिटायरमेंट फंड की 13-13 लाख रुपये की रकम SCSS में इन्वेस्ट करना चाहते हैं। आप दोनों जॉइंट अकाउंट खुलवाकर यह रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं। दोनों मिलकर कुल 26 लाख रुपये यहां इन्वेस्ट करें, तो 5 साल तक हर तीन महीने में 53,300 रुपये की रकम पा सकते हैं। इस तरह 5 साल में आपको कुल 10,66,000 रुपये की ब्याज आय मिल जाएगी। इसके बााद मैच्योरिटी पर मूलधन भी वापस आ जाएगा।
| विवरण | रकम / जानकारी |
|---|---|
| सालाना ब्याज दर | 8.2% |
| पति का निवेश | ₹13,00,000 |
| पत्नी का निवेश | ₹13,00,000 |
| कुल निवेश | ₹26,00,000 |
| निवेश की अवधि | 5 साल |
| हर तीन महीने में कुल ब्याज आय | ₹53,300 |
| 5 साल में कुल ब्याज आय | ₹10,66,000 |
| मैच्योरिटी पर मूलधन वापसी | ₹26,00,000 |
| 5 साल में कुल प्राप्त रकम | ₹36,66,000 |
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)


SBI FD vs Post Office FD vs SCSS: ₹1 Lakh ke liye kya choose karein?
Is video mein dekhiye:
Post Office FD ka interest SBI FD se zyada kyun ho sakta hai?