बालोद जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल झलमला गंगा मैया मंदिर में रविवार को शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। दोपहर 12 बजे मंदिर में 1301 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। नवरात्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में 32 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। व्यवस्था के तहत श्रद्धालु 20 अक्टूबर तक लगभग 24 घंटे मां के दर्शन कर सकेंगे। कमल आकार के कक्ष में प्रज्वलित हुए ज्योति कलश मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सोहन लाल टावरी और वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रवीण गुप्ता के अनुसार, गर्भगृह में कमल आकार के कक्ष में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। नवरात्र के दौरान सामान्य दिनों की तरह दोपहर और रात में मंदिर बंद रखने की व्यवस्था नहीं रहेगी। केवल दोपहर 12 बजे भोग लगाने के दौरान करीब 10 मिनट के लिए पर्दा किया जाएगा और इस समय श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। आरती और मंदिर के कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘गंगा मैया धर्ममंच’ पर किया जाएगा। मनोकामना श्रीफल यंत्र परिसर को नया लुक मंदिर के मनोकामना श्रीफल यंत्र परिसर को नया स्वरूप दिया गया है। यहां आकर्षक लाइटिंग के साथ 8 पंखे लगाए गए हैं, जिन्हें रिमोट से नियंत्रित किया जा सकेगा। मंदिर परिसर और कार्यक्रमों के लिए विशेष सजावट की गई है। लगातार बारिश से मेला मैदान में पानी और कीचड़ भरने के कारण इस बार झूले नहीं लगाए जाएंगे। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए मीना बाजार और अन्य दुकानें लगेंगी। 15 से 18 अक्टूबर तक रामधुनी, शाम 7 बजे महाआरती मंदिर ट्रस्ट की ओर से नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक संगीतमय झांकीयुक्त रामधुनी होगी। इसके बाद शाम 5 से 6:30 बजे तक माता सेवा गायन और शाम 7 बजे मां भगवती गंगा की महाआरती होगी। 19 अक्टूबर को कन्या भोज आयोजित किया जाएगा। जिले के अन्य देवी मंदिरों में भी नवरात्र पर विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। शहर और गांवों में दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं, जहां मां दुर्गा, मां काली सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। 11 से 19 अक्टूबर तक भारी वाहनों की नो-एंट्री नवरात्र मेले और ज्योति कलश स्थापना के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया है। 11 से 19 अक्टूबर तक झलमला मार्ग से भारी मालवाहक वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए चार पार्किंग स्थल तय मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए चार पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। इनमें पुलिस कॉलोनी परिसर झलमला, झलमला बाजार चौक, सिवनी मैदान और बालोद बाजार–हीरापुर मार्ग के मोड़ के सामने का स्थान शामिल है। यातायात संबंधी जानकारी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 94791-91160 और यातायात कार्यालय के नंबर 77492-23817 पर संपर्क किया जा सकता है। मेले में करीब 100 जवान रहेंगे तैनात नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर में 32 CCTV कैमरों से भीड़ और गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। परिसर में पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। चतुर्थी तक नारियल चढ़ा सकेंगे, पंचमी से फोड़ने की परंपरा मां गंगा मैया मंदिर में नारियल अर्पित करने की विशेष परंपरा है। नवरात्र के शुरुआती चार दिन यानी चतुर्थी तक श्रद्धालु नारियल चढ़ा सकते हैं, लेकिन उसे फोड़ने की अनुमति नहीं रहती। झलमला के बैगा समाज के लोग मां गंगा को अपनी कुलदेवी मानते हैं। इस मान्यता के अनुसार पंचमी को विशेष पूजा-पाठ किया जाता है। खीर और पूड़ी का भोग लगाने के बाद नारियल फोड़ने की परंपरा शुरू होती है। नवरात्र में मां को चावल, दाल, सब्जी, हलवा, खीर, पूड़ी और रोटी का भोग लगाया जाता है। प्रसाद तैयार करने में महिलाएं और पुरुष दोनों सहयोग करते हैं। भक्तों में बांटी जाने वाली खाद्य सामग्री पहले माता को अर्पित की जाती है। बांधा तालाब में मिली थी मां गंगा मैया की प्रतिमा मान्यता के अनुसार, मां गंगा मैया की पत्थर की प्रतिमा वर्ष 1900 में बांधा तालाब में एक केंवट को मिली थी। इसके बाद झलमला के बैगा समाज और ग्रामीणों ने पूजा-पाठ कर प्रतिमा स्थापित की। वर्ष 1905-06 के आसपास तांदुला नहर निर्माण के दौरान प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया गया था। मंदिर में हर साल नवरात्र के दौरान दिल्ली, कोलकाता सहित दूसरे शहरों में रहने वाले श्रद्धालुओं के नाम से भी मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं।

