कानपुर के बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को 10 सूत्रीय मांगों को लेकर करीब 182 आशा बहुओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज सचान का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। वेतन वृद्धि, काम की समय-सीमा निर्धारित करने, दुर्घटना बीमा और पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा बहुएं सीएचसी परिसर में धरने पर बैठ गईं। उन्होंने मांगें पूरी होने तक काम पर वापस नहीं लौटने का ऐलान किया। साथ ही 23 अक्टूबर को लखनऊ में धरना देने की चेतावनी दी। 2 तस्वीरें देखिए… वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की मांग बिधनू सीएचसी में कार्यरत आशा बहुओं प्रमिला गुप्ता, भारती, पुनीता मिश्रा और अंजू यादव ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ाना, कार्य की समय-सीमा तय करना, दुर्घटना बीमा और पेंशन की व्यवस्था करना शामिल है। 20 मिनट तक रोकी 102 एम्बुलेंस प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ‘एक कचोरी दो समोसा, योगी तेरा क्या भरोसा’ नारे के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ताओं ने सीएचसी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। इसी दौरान बाहर निकल रही 102 एम्बुलेंस को रोक लिया। करीब 20 मिनट बाद एम्बुलेंस को जाने दिया गया। उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा ज्ञापन बिधनू चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज सचान ने बताया कि आशा बहुओं का ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है। उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 23 अक्टूबर को लखनऊ में धरना दिया जाएगा। तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

