कटिहार के मनिहारी थाना क्षेत्र के मनोहरपुर में अवैध आरा मिलों पर कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों और टीम के बीच तनाव बढ़ने पर मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने वन विभाग की टीम को मुक्त कराया। इस दौरान गाड़ियों के शीशे तोड़ने और वनकर्मियों के साथ हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… तीन अवैध आरा मिलों के खिलाफ पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मनोहरपुर में तीन अवैध आरा मिल संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद विभाग की टीम कार्रवाई करने पहुंची। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, बड़ी संख्या में ग्रामीण मिल संचालकों के समर्थन में उतर आए और विरोध करने लगे। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और टीम को बंधक बना लिया गया। गाड़ियों के शीशे तोड़े, वनकर्मियों से हाथापाई का आरोप वन प्रक्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र झा के अनुसार, विरोध के दौरान गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और सिपाहियों के साथ हाथापाई की गई। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वन विभाग की टीम को मुक्त कराया। विरोध के बावजूद टीम ने तीनों अवैध आरा मिलों को बंद करा दिया और उनसे संबंधित सामान जब्त कर लिया। आरा मिल संचालकों के खिलाफ कोर्ट में केस वन प्रक्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र झा ने बताया कि अवैध आरा मिलों के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध आरा मिलों के संचालन पर रोक लगाने के लिए विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। आगामी 31 दिसंबर तक जिले में संचालित सभी अवैध आरा मिलों के खिलाफ कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। कटिहार के मनिहारी थाना क्षेत्र के मनोहरपुर में अवैध आरा मिलों पर कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों और टीम के बीच तनाव बढ़ने पर मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने वन विभाग की टीम को मुक्त कराया। इस दौरान गाड़ियों के शीशे तोड़ने और वनकर्मियों के साथ हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… तीन अवैध आरा मिलों के खिलाफ पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मनोहरपुर में तीन अवैध आरा मिल संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद विभाग की टीम कार्रवाई करने पहुंची। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, बड़ी संख्या में ग्रामीण मिल संचालकों के समर्थन में उतर आए और विरोध करने लगे। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और टीम को बंधक बना लिया गया। गाड़ियों के शीशे तोड़े, वनकर्मियों से हाथापाई का आरोप वन प्रक्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र झा के अनुसार, विरोध के दौरान गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और सिपाहियों के साथ हाथापाई की गई। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वन विभाग की टीम को मुक्त कराया। विरोध के बावजूद टीम ने तीनों अवैध आरा मिलों को बंद करा दिया और उनसे संबंधित सामान जब्त कर लिया। आरा मिल संचालकों के खिलाफ कोर्ट में केस वन प्रक्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र झा ने बताया कि अवैध आरा मिलों के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध आरा मिलों के संचालन पर रोक लगाने के लिए विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। आगामी 31 दिसंबर तक जिले में संचालित सभी अवैध आरा मिलों के खिलाफ कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है।

