इंदौर के हीरानगर और अन्नपूर्णा इलाके में ऑनलाइन ठगी के दो मामले सामने आए हैं। हीरानगर में एक कॉलेज छात्रा ने इंस्टाग्राम पर नटराज पेंसिल की पैकिंग का काम देने वाला विज्ञापन देखकर संपर्क किया। आरोपियों ने कार्ड बनाने और वेरिफिकेशन के नाम पर रुपए ट्रांसफर कराए। बाद में पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर पेनाल्टी के नाम पर भी रुपए मांगे। वहीं, अन्नपूर्णा इलाके में एक निजी कंपनी की कर्मचारी के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 1 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। कार्ड बनाने के नाम पर 650 रुपए लिए हीरानगर पुलिस के मुताबिक, निजी कॉलेज में पढ़ने वाली हर्षिता राठौर की शिकायत पर साइबर फ्रॉड का केस दर्ज किया गया है। हर्षिता ने 30 सितंबर को इंस्टाग्राम पर नटराज पेंसिल का ऑनलाइन विज्ञापन देखा था। इसमें घर बैठे ऑनलाइन पैकिंग का काम करने की बात कही गई थी। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल करने पर उनसे कार्ड बनाने के लिए कहा गया। इसके लिए ऑनलाइन 650 रुपए ट्रांसफर कराए गए। साथ ही, 24 घंटे में सामान घर पहुंचाने की बात कही गई। वेरिफिकेशन के नाम पर 4500 रुपए लिए अगले दिन दूसरे नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कार्ड का वेरिफिकेशन कराने की बात कही और बताया कि इसका पेमेंट बाद में वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद हर्षिता से 4500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। कुछ देर बाद दोबारा कॉल कर कहा गया कि पेमेंट ठीक से नहीं हुआ है और इसे वापस करना होगा। वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में दिखा व्यक्ति 3 अक्टूबर को हर्षिता के पास वीडियो कॉल आया। कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया। उसने कहा कि पेंसिल भेजने वाले डिलीवरी बॉय से अपशब्द कहे गए हैं। इसके बाद उसने हर्षिता से दोबारा ऐसा नहीं करने की बात कहलवाई और 4500 रुपए का एक और पेमेंट करने को कहा। पेमेंट होने के बाद पेनाल्टी के नाम पर 6400 रुपए और मांगे गए। इसके बाद 11 हजार रुपए का पेमेंट करने को कहा गया। फिर एक दिन में पेंसिल का सामान पहुंचने की बात कही गई। इसके बाद दोबारा 17 हजार रुपए मांगे गए। हर्षिता को ठगी का शक हुआ तो उन्होंने पेमेंट करने से इनकार कर दिया और साइबर फ्रॉड की शिकायत की। कॉल फॉरवर्डिंग के मैसेज के बाद क्रेडिट कार्ड से ट्रांजैक्शन अन्नपूर्णा पुलिस ने निजी कंपनी की कर्मचारी अनुश्री गुप्ता के साथ हुए फ्रॉड के मामले में भी एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर को अनुश्री के मोबाइल पर कॉल फॉरवर्डिंग को लेकर मैसेज आए थे। इसके बाद उन्होंने संबंधित नंबर पर कॉल करके कॉल फॉरवर्डिंग डीएक्टिवेट की। इसी दौरान उनके क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 1 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। इसके बाद दूसरे नंबर से ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। इनमें 17 हजार रुपए के ट्रांजैक्शन का मैसेज भी आया, जिसे उन्होंने रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद उन्होंने क्रेडिट कार्ड डीएक्टिवेट करा दिया। अनुश्री ने अकाउंट से 1 लाख रुपए कटने की शिकायत साइबर फ्रॉड के तहत की। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

