बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अवरहिया बढ़ई टोला वार्ड संख्या तीन निवासी दिलशाद अंसारी (25) की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई और घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। तीन भाइयों में सबसे छोटा दिलशाद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। उसके परिवार में पत्नी नगमा खातून और महज चार माह की एक बच्ची है। मृतक के पिता अकबर अंसारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 2 बजे बानूछापर और सहोदरा थाने की पुलिस 2 गाड़ियों से उनके घर पहुंची थी। पुलिसकर्मी दिलशाद को अपने साथ ले जाने लगे। जब परिजनों ने उसे ले जाने का कारण पूछा तो पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए ले जाने की बात कही गई। उस समय परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई थी कि दिलशाद को किस मामले में ले जाया जा रहा है। बाद में परिजनों को पता चला कि पुलिस उसे NDPS मामले में अपने साथ ले गई है। गाड़ी से कूदकर भागने की दी गई जानकारी अकबर अंसारी ने बताया कि बाद में परिवार को जानकारी दी गई कि दिलशाद पुलिस की गाड़ी से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान वह गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट आई और पैर टूट गया। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचने पर दिलशाद की मौत की सूचना मिली। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर वन अजीत कुमार ने बताया कि, ‘बेतिया जिले के सहोदरा थाना कांड संख्या 65/25 में नामजद अभियुक्त अंसारी को सहोदरा थाने की पुलिस और बानछापर थाने की पुलिस के साथ आरोपी दिलशाद अंसारी के घर गिरफ्तारी के लिए गई थी।’ ‘गिरफ्तारी करने के बाद आरोपी को पुलिस अपने साथ सहोदर ले जा रही थी इसी दौरान नरकटियागंज में पुलिस को चकमा देकर आरोपी गाड़ी से कूद गया।’ ‘इसके बाद पुलिस आरोपी दिलशाद को और अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने GMCH बेतिया रेफर कर दिया। GMCH में इलाज के दौरान दिलशाद की मौत हो गई है।’ हालांकि, युवक की मौत के बाद परिजन घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि दिलशाद को रात में घर से ले जाया गया था और कुछ ही समय बाद उसकी मौत की सूचना मिली। ऐसे में उसे किस परिस्थिति में ले जाया गया, रास्ते में क्या हुआ और उसकी मौत कैसे हुई, इन बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। पत्नी और 4 महीने की बच्ची के भविष्य की चिंता दिलशाद की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फाइनेंस कंपनी में काम कर वह परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करता था। अब उसकी पत्नी नगमा खातून के सामने चार माह की बच्ची की परवरिश और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई, युवक को घर से ले जाने की परिस्थितियों और उसकी मौत के कारणों को लेकर निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। मामले में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस घटना ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है और कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अवरहिया बढ़ई टोला वार्ड संख्या तीन निवासी दिलशाद अंसारी (25) की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई और घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। तीन भाइयों में सबसे छोटा दिलशाद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। उसके परिवार में पत्नी नगमा खातून और महज चार माह की एक बच्ची है। मृतक के पिता अकबर अंसारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 2 बजे बानूछापर और सहोदरा थाने की पुलिस 2 गाड़ियों से उनके घर पहुंची थी। पुलिसकर्मी दिलशाद को अपने साथ ले जाने लगे। जब परिजनों ने उसे ले जाने का कारण पूछा तो पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए ले जाने की बात कही गई। उस समय परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई थी कि दिलशाद को किस मामले में ले जाया जा रहा है। बाद में परिजनों को पता चला कि पुलिस उसे NDPS मामले में अपने साथ ले गई है। गाड़ी से कूदकर भागने की दी गई जानकारी अकबर अंसारी ने बताया कि बाद में परिवार को जानकारी दी गई कि दिलशाद पुलिस की गाड़ी से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान वह गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट आई और पैर टूट गया। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचने पर दिलशाद की मौत की सूचना मिली। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर वन अजीत कुमार ने बताया कि, ‘बेतिया जिले के सहोदरा थाना कांड संख्या 65/25 में नामजद अभियुक्त अंसारी को सहोदरा थाने की पुलिस और बानछापर थाने की पुलिस के साथ आरोपी दिलशाद अंसारी के घर गिरफ्तारी के लिए गई थी।’ ‘गिरफ्तारी करने के बाद आरोपी को पुलिस अपने साथ सहोदर ले जा रही थी इसी दौरान नरकटियागंज में पुलिस को चकमा देकर आरोपी गाड़ी से कूद गया।’ ‘इसके बाद पुलिस आरोपी दिलशाद को और अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने GMCH बेतिया रेफर कर दिया। GMCH में इलाज के दौरान दिलशाद की मौत हो गई है।’ हालांकि, युवक की मौत के बाद परिजन घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि दिलशाद को रात में घर से ले जाया गया था और कुछ ही समय बाद उसकी मौत की सूचना मिली। ऐसे में उसे किस परिस्थिति में ले जाया गया, रास्ते में क्या हुआ और उसकी मौत कैसे हुई, इन बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। पत्नी और 4 महीने की बच्ची के भविष्य की चिंता दिलशाद की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फाइनेंस कंपनी में काम कर वह परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करता था। अब उसकी पत्नी नगमा खातून के सामने चार माह की बच्ची की परवरिश और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई, युवक को घर से ले जाने की परिस्थितियों और उसकी मौत के कारणों को लेकर निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। मामले में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस घटना ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है और कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।

