भास्कर न्यूज|लोहरदगा समाज में आपसी विवादों को बढ़ावा देने के बजाय बातचीत, समझदारी और सुलह के माध्यम से रिश्तों को बचाना अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा की अदलिया कमिटी की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कमिटी ने रविवार को अंजुमन कार्यालय में तीन मामलों की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता और निष्पक्षता से सुनते हुए दो मामलों का आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। एक मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय की गई। अंजुमन इस्लामिया के सदर रउफ अंसारी ने कहा कि अदलिया कमिटी का उद्देश्य केवल विवादों का निपटारा करना नहीं है। इसका उद्देश्य टूटते रिश्तों को जोड़ना है। परिवारों में खुशहाली कायम रखना है। समाज में अमन-चैन व भाईचारा मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण इंसाफ, आपसी सम्मान और रिश्तों की बहाली है। छोटी-छोटी गलतफहमियों को समय रहते दूर कर लिया जाए, तो कई परिवारों को बिखरने से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कमिटी बिना भेदभाव दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर देती है। बातचीत, धैर्य और समझदारी के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पारिवारिक या सामाजिक विवादों को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय अंजुमन के जिम्मेदार लोगों के समक्ष रखें। सुलह का रास्ता अपनाएं। पहले मामले में कल्हेपात, भड़गांव, सेन्हा निवासी सानिया परवीन, पुत्री आजम अंसारी, और तबारक अंसारी, पुत्र सराफत अंसारी, के बीच अनबन पर सुनवाई हुई। कमिटी के प्रयास से सुलह कराई गई। लड़की की विदाई की कार्रवाई पूरी की गई। दूसरा मामला राहत नगर निवासी मोहम्मद मिन्हाज और अनस रजा के बीच लेन-देन से संबंधित था। दोनों पक्षों ने अगली निर्धारित तारीख तक लेन-देन पूरा करने पर सहमति जताई। इसके बाद मामले का निष्पादन किया गया। तीसरे मामले में लड़का-लड़की के बीच अनबन की शिकायत पर सुनवाई हुई। विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। दो अन्य मामलों की प्रारंभिक मौखिक सुनवाई भी हुई। उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया। सुनवाई में ऑफिस सेक्रेटरी मौलवी अबुल कलाम तैगी, अब्दुल मोहेमीन बबन, आफताब आलम, मोहम्मद असगर तैगी सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। विवादों का निपटारा करते अंजुमन के लोग। भास्कर न्यूज|लोहरदगा समाज में आपसी विवादों को बढ़ावा देने के बजाय बातचीत, समझदारी और सुलह के माध्यम से रिश्तों को बचाना अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा की अदलिया कमिटी की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कमिटी ने रविवार को अंजुमन कार्यालय में तीन मामलों की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता और निष्पक्षता से सुनते हुए दो मामलों का आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। एक मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय की गई। अंजुमन इस्लामिया के सदर रउफ अंसारी ने कहा कि अदलिया कमिटी का उद्देश्य केवल विवादों का निपटारा करना नहीं है। इसका उद्देश्य टूटते रिश्तों को जोड़ना है। परिवारों में खुशहाली कायम रखना है। समाज में अमन-चैन व भाईचारा मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण इंसाफ, आपसी सम्मान और रिश्तों की बहाली है। छोटी-छोटी गलतफहमियों को समय रहते दूर कर लिया जाए, तो कई परिवारों को बिखरने से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कमिटी बिना भेदभाव दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर देती है। बातचीत, धैर्य और समझदारी के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पारिवारिक या सामाजिक विवादों को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय अंजुमन के जिम्मेदार लोगों के समक्ष रखें। सुलह का रास्ता अपनाएं। पहले मामले में कल्हेपात, भड़गांव, सेन्हा निवासी सानिया परवीन, पुत्री आजम अंसारी, और तबारक अंसारी, पुत्र सराफत अंसारी, के बीच अनबन पर सुनवाई हुई। कमिटी के प्रयास से सुलह कराई गई। लड़की की विदाई की कार्रवाई पूरी की गई। दूसरा मामला राहत नगर निवासी मोहम्मद मिन्हाज और अनस रजा के बीच लेन-देन से संबंधित था। दोनों पक्षों ने अगली निर्धारित तारीख तक लेन-देन पूरा करने पर सहमति जताई। इसके बाद मामले का निष्पादन किया गया। तीसरे मामले में लड़का-लड़की के बीच अनबन की शिकायत पर सुनवाई हुई। विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। दो अन्य मामलों की प्रारंभिक मौखिक सुनवाई भी हुई। उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया। सुनवाई में ऑफिस सेक्रेटरी मौलवी अबुल कलाम तैगी, अब्दुल मोहेमीन बबन, आफताब आलम, मोहम्मद असगर तैगी सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। विवादों का निपटारा करते अंजुमन के लोग।

