सीवान में रविवार को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर समितियों ने साफ-सफाई और रंग-रोगन कराया था, वहीं पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम भी किए। लेकिन मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों पर गंदगी और जलजमाव के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंदिरों के रास्ते पर जमा पानी और कूड़े के ढेर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों पर जगह-जगह पानी जमा था और कूड़े के ढेर लगे थे। श्रद्धालुओं को इन्हीं रास्तों से होकर पूजा करने के लिए मंदिरों तक पहुंचना पड़ा। नवरात्र के दौरान मंदिरों में भीड़ जुटने की जानकारी पहले से होने के बावजूद रास्तों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं दिखी। एक ओर मंदिर समितियों ने अपने स्तर से मंदिर परिसरों की सफाई और रंग-रोगन कराया, वहीं दूसरी ओर मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों की बदहाली बनी रही। इससे त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। चार प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सीवान शहर के बुढ़िया माता मंदिर, कचहरी दुर्गा मंदिर, काली मंदिर और संतोषी माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इन मंदिरों में शाम तक करीब 20 हजार भक्तों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिरों के साथ-साथ चौक-चौराहों पर महिला और पुरुष पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। हालांकि, सुरक्षा के इंतजामों के मुकाबले साफ-सफाई की स्थिति कमजोर नजर आई। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा, नौ दिन चलेगा पर्व नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना कर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, हर दिन विशेष पूजा और प्रसाद का महत्व है। सीवान में रविवार को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर समितियों ने साफ-सफाई और रंग-रोगन कराया था, वहीं पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम भी किए। लेकिन मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों पर गंदगी और जलजमाव के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंदिरों के रास्ते पर जमा पानी और कूड़े के ढेर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों पर जगह-जगह पानी जमा था और कूड़े के ढेर लगे थे। श्रद्धालुओं को इन्हीं रास्तों से होकर पूजा करने के लिए मंदिरों तक पहुंचना पड़ा। नवरात्र के दौरान मंदिरों में भीड़ जुटने की जानकारी पहले से होने के बावजूद रास्तों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं दिखी। एक ओर मंदिर समितियों ने अपने स्तर से मंदिर परिसरों की सफाई और रंग-रोगन कराया, वहीं दूसरी ओर मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों की बदहाली बनी रही। इससे त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। चार प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सीवान शहर के बुढ़िया माता मंदिर, कचहरी दुर्गा मंदिर, काली मंदिर और संतोषी माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इन मंदिरों में शाम तक करीब 20 हजार भक्तों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिरों के साथ-साथ चौक-चौराहों पर महिला और पुरुष पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। हालांकि, सुरक्षा के इंतजामों के मुकाबले साफ-सफाई की स्थिति कमजोर नजर आई। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा, नौ दिन चलेगा पर्व नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना कर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, हर दिन विशेष पूजा और प्रसाद का महत्व है।

