बारां के रामगढ़ में शारदीय नवरात्र पर कृष्णाई अन्नपूर्णा माताजी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मां दुर्गा के कन्या स्वरूप के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।
बारां जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर किशनगंज क्षेत्र में यह मंदिर धार्मिक और भूवैज्ञानिक दोनों तरह से प्रसिद्ध है। मान्यता है कि माताजी की प्रतिमाएं प्राकृतिक रूप से एक गुफा से प्रकट हुई थीं। लगभग 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 750 घुमावदार सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इन सीढ़ियों का निर्माण कोटा रियासत के झाला जालिम सिंह ने करवाया था।
इसका भूवैज्ञानिक महत्व खास है। हजारों साल पहले उल्कापिंड गिरने से 3.2 किलोमीटर व्यास का क्रेटर बना था। यह देश का तीसरा और राजस्थान का पहला क्रेटर है। मंदिर के सुधार के लिए 3 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

