उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या सीट को लेकर सियासी मुकाबला तेज हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। शनिवार को बलरामपुर में मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए अखिलेश को ही आमने-सामने मुकाबले का न्योता दे दिया। अब सपा नेता और अयोध्या से पार्टी के घोषित प्रत्याशी तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय ने कहा कि योगी पहले अयोध्या से टिकट लेकर आएं, फिर मुकाबले की बात करें। दैनिक भास्कर से बातचीत में पवन पांडेय ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। बूथ प्रभारियों को मिठाई, मोबाइल और कपड़े दिए गए थे। लेकिन जब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रत्याशियों की सूची जारी की, तो योगी का टिकट अयोध्या से काट दिया गया। उन्होंने कहा, “पहले वह अयोध्या से टिकट लेकर आएं। फिर इस बारे में बात करनी चाहिए।” अखिलेश ने कहा था- भरोसा है तो अयोध्या से लड़कर दिखाएं विवाद की शुरुआत 8 अक्टूबर को अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे से हुई। पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे सपा अध्यक्ष ने कहा था कि मुख्यमंत्री को अपने दावों पर भरोसा है तो वह खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। अखिलेश ने दावा किया था कि सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है और उसे अयोध्या में टक्कर देने वाला प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। बलरामपुर में योगी बोले- आप भी नामांकन करिए, मैं भी करता हूं शनिवार को बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या उनके लिए आस्था का केंद्र है, राजनीति का नहीं। यदि चुनाव लड़ना है तो चेलों से क्यों, आमने-सामने मुकाबला होना चाहिए। उन्होंने अखिलेश को अयोध्या से नामांकन करने और खुद भी वहां से नामांकन करने की चुनौती दी। योगी ने सपा के पीडीए पर भी निशाना साधते हुए उसका अर्थ ‘प्रदेश डुबाऊ अथॉरिटी’ बताया। व्यापारी, किसान और जनता कुछ नहीं भूले पवन पांडेय ने अयोध्या में विकास कार्यों, व्यापारियों के मुआवजे और किसानों की जमीनों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान-दुकानें गिराए जाने के बाद व्यापारियों को मुआवजे के नाम पर धोखा मिला। किसानों की जमीनों को लेकर भी उन्होंने सरकार और प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ पर सवाल उठाए। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अयोध्या में पहली बारिश के बाद विकास कार्यों की स्थिति पर भी उन्होंने सवाल उठाए। जनता का आशीर्वाद है, चुनाव लड़ेंगे योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने पर मुकाबले की चुनौती के सवाल पर पवन पांडेय ने कहा कि इसमें चुनौती जैसी कोई बात नहीं है। जनता का आशीर्वाद उनके साथ है। वह पिछले 10 वर्षों से जनता की सेवा कर रहे हैं और क्षेत्र के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा की विदाई होगी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी।

